आम आदमी पार्टी ने उठाए बिल्डरों और सरकार पर गंभीर सवाल

टीआरपी।छत्तीसगढ़ में बहुमंजिला इमारतों और फ्लैटों के मालिकाना हक को लेकर राज्य सरकार और सहकारी संस्थाओं के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेताओं ने एक प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि प्रकोष्ठ स्वामित्व अधिनियम 1976 के लागू होने के 50 साल बाद भी प्रदेश में इसका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे फ्लैट खरीदार आज भी अपने हक से वंचित हैं।

यह मुद्दा छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में फ्लैट तथा दुकान खरीदने वाले लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों से जुड़ा है। यदि किसी प्राकृतिक आपदा में अपार्टमेंट गिर जाता है, तो जमीन का मालिकाना हक बिल्डर के पास होने के कारण आम जनता के पास कुछ नहीं बचेगा, जो कि एक बहुत बड़ा कानूनी और आर्थिक संकट है।

जमीनों पर आज भी बिल्डरों का कब्जा, खरीदार सिर्फ हवा में: AAP


आम आदमी पार्टी के नेता मेहरबान सिंग, विजय झा और के. ज्योति ने सहकारी संस्था छत्तीसगढ़ शासन के पंजीयक पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश में जितनी भी बहुमंजिला इमारतें हैं, उनमें फ्लैट और दुकान खरीदने वाले कानूनी रूप से असली मालिक कैसे हुए? जिस जमीन पर अपार्टमेंट बना है, वह जमीन आज भी रिकॉर्ड में बिल्डर के नाम पर दर्ज है। फ्लैट खरीदारों के पास केवल दीवारों की रजिस्ट्री है, जमीन में उनका कोई हिस्सा नहीं है।

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पार्टी ने आरोप लगाया कि सहकारी संस्थाओं के एक कथित गिरोह ने बिल्डरों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए आज तक ‘सहकारी समितियां’ बनने ही नहीं दीं। इसके कारण बिलासपुर के सी.जी प्लाजा कॉम्प्लेक्स, दुर्ग में हेमचंद यूनिवर्सिटी के सामने स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अपार्टमेंट और राजनांदगांव के परिवहन कॉम्प्लेक्स में आवेदन देने के बावजूद समितियां नहीं बन पाई हैं। इस गंभीर विषय को लेकर ‘आप’ के प्रदेश अध्यक्ष (आरटीआई विंग) ने राज्यपाल महोदय को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

कानून का उल्लंघन: छत्तीसगढ़ को बने 26 वर्ष और प्रकोष्ठ स्वामित्व अधिनियम 1976 को बने 50 वर्ष बीत जाने के बाद भी नियमों का जमीनी स्तर पर अनुपालन शून्य है।

रेरा का एक्शन: नियमों की अनदेखी और गड़बड़ियों को लेकर रेरा (RERA) द्वारा प्रदेश के 600 बिल्डरों को नोटिस जारी किया जा चुका है, जिसे ‘आप’ ने महज एक दिखावा करार दिया है।

शिकायत: आम आदमी पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने बताया कि इस पूरे मामले की आधिकारिक शिकायत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल से की गई है।

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आम आदमी पार्टी ने सरकार और रेरा के अधिकारियों से इस समस्या पर तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। यदि सरकार बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले आम नागरिकों को जमीन का वास्तविक मालिकाना हक दिलाने और सहकारी समितियां गठित करने के लिए कड़े कदम नहीं उठाती है, तो पार्टी ने प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।