अंबिकापुर। सरगुजा जिले में मानव तस्करी का बड़ा मामला पकड़ में आया है। यहां देर शाम झारखंड से आई रॉयल बस से 16 युवतियों और 4 युवकों समेत 20 लोगों को रेस्क्यू किया गया। आशंका है कि इनमें अधिकांश नाबालिग हैं। सभी को नौकरी और ज्यादा सैलरी का लालच देकर कर्नाटक ले जाया जा रहा था।

ऐसे हुआ खुलासा

मुखबिर की सूचना पर जिला बाल संरक्षण इकाई और सामाजिक संगठन MSVP ने अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर छापा मारा। झारखंड के भंडरिया क्षेत्र से लाए गए सभी युवक-युवतियों को बस से उतारकर सुरक्षित किया गया।

मौके पर नहीं मिला सरगना

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा पुलिस मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई है। पूछताछ में बताया गया कि कोई सतेंद्र इन्हें काम दिलाने के नाम पर लेकर जा रहा है। हालांकि सतेंद्र इनके साथ नहीं था। वहीं ये सभी कर्नाटक के उडुपी जाने की बात कह रहे हैं। इन सभी का बयान बल कल्याण समिति द्वारा लिया गया है। 

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सभी युवक-युवतियों को रेस्क्यू करने के बाद उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है। अधिकारियों द्वारा उनके परिवार, पहचान और यात्रा के उद्देश्य से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। 

अब क्या हो रहा

रेस्क्यू किए गए सभी 20 लोगों की काउंसलिंग कराई जा रही है। अधिकारियों ने उनके परिवार, पहचान और यात्रा का असली मकसद पता करना शुरू कर दिया है। महिला एवं बाल विकास अधिकारी जे आर प्रधान ने बताया कि इन सभी के परिजनों को जरूरी दस्तावेजों के साथ झारखंड से अंबिकापुर तलब किए गए हैं, जिसके बाद ही खुलासा होगा कि इनमें से कितने नाबालिग हैं।

सरगुजा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मानव तस्करी नेटवर्क के सरगना की तलाश तेज कर दी है। आशंका है कि इसके पीछे बड़ा गिरोह काम कर रहा है।