टीआरपी। रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे ने राजधानी के पंडरी कपड़ा बाजार और देवेंद्र नगर क्षेत्र के बड़े नालों का औचक निरीक्षण कर मानसून पूर्व सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान नालों में गंदगी और लचर सफाई व्यवस्था देखकर महापौर का गुस्सा फूट पड़ा, जिस पर उन्होंने सफाई ठेकेदार और जोन 2 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी (ZHO) को जमकर फटकार लगाई।
रायपुर में मानसून की दस्तक से पहले बड़े नालों की तल्ले (तलहटी) तक सफाई होना बेहद जरूरी है, ताकि बारिश के दिनों में जलभराव की स्थिति निर्मित न हो। पंडरी कपड़ा बाजार और देवेंद्र नगर जैसे व्यस्त व्यापारिक व रिहायशी इलाकों में अगर नालों की सफाई सही ढंग से नहीं हुई, तो पहली ही बारिश में दुकानों और घरों में गंदा पानी घुसने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
नालों की लचर सफाई पर भड़कीं महापौर
महापौर मीनल चौबे ने शहीद हेमू कालाणी वार्ड की पार्षद कृतिका जैन और जोन 2 स्वास्थ्य अधिकारी रवि लावनिया की मौजूदगी में पंडरी कपड़ा बाजार क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। पंडरी कपड़ा बाजार गेट नंबर 2 के पास बने मुक्कड़ (कचरा डंपिंग पॉइंट) पर भारी मात्रा में कचरा जमा देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और हर दिन नियमित रूप से कचरा परिवहन करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने पंडरी कपड़ा बाजार के सफाई गैंग में महिलाओं और पुरुषों की संख्या समान रखने (समान लिंगानुपात) को कहा, क्योंकि वर्तमान में वहां 7 महिला और केवल 2 पुरुष सफाई कामगार तैनात हैं।
इसके बाद महापौर ने देवेन्द्र नगर नाला, नमस्ते चौक नाला और एक्सप्रेस वे मार्ग नाला का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। मानसून के ठीक पहले इन प्रमुख नालों की बेहद खराब और अधूरी सफाई देखकर महापौर भड़क गईं। उन्होंने सफाई ठेकेदार और जोन स्वास्थ्य अधिकारी को फटकार लगाते हुए सख्त हिदायत दी कि मानसून की पहली बारिश से पहले सभी नालों के तल्ले तक खुदाई कर पूरी लद्दी (कीचड़) बाहर निकाली जाए, ताकि गंदे पानी की सुगम निकासी सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के मुख्य क्षेत्र: पंडरी कपड़ा बाजार, देवेन्द्र नगर नाला, नमस्ते चौक नाला और एक्सप्रेस वे मार्ग नाला।
सफाई गैंग का असंतुलन: पंडरी बाजार की टीम में वर्तमान में 7 महिला और सिर्फ 2 पुरुष सफाई कर्मी तैनात हैं, जिसे बराबर करने के निर्देश दिए गए हैं।
महापौर की कड़ी फटकार के बाद जोन 2 प्रशासन और सफाई ठेकेदार को बारिश से पहले सभी बड़े नालों से शत-प्रतिशत कीचड़ निकालने का अल्टीमेटम दिया गया है। निगम प्रशासन जल्द ही इस सफाई अभियान की दोबारा समीक्षा करेगा, और लापरवाही मिलने पर ठेकेदार के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने या भारी जुर्माना लगाने जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।



