छत्तीसगढ़ पंचायत विभाग में बड़ा फेरबदल

टीआरपी। छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए राज्य की 27 जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) के प्रभार में फेरबदल किया गया है। मंत्रालय स्थित महानदी भवन से जारी आधिकारिक आदेश के बाद कई जिलों में इन अधिकारियों की नई पदस्थापना तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

जनपद पंचायत का सीईओ ग्रामीण विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है। इतने बड़े पैमाने पर हुए इस फेरबदल से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में चल रही विकास परियोजनाओं, मनरेगा कार्यों और स्थानीय पंचाचत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सीधा असर पड़ेगा।

प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश

जारी आदेश के तहत बलौदाबाजार, धमतरी, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा और मुंगेली समेत विभिन्न जिलों के जनपद पंचायत सीईओ का बड़े पैमाने पर तबादला किया गया है। शासन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के उद्देश्य से किया गया है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की निगरानी बेहतर हो और जमीनी स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे।

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विभाग ने आदेश जारी करने के साथ ही सभी संबंधित ट्रांसफर किए गए अधिकारियों को शीघ्र अपने नए पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों की रफ्तार और प्रशासनिक कसावट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

प्रशासनिक सर्जरी: राज्य की कुल 27 जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) का एक साथ प्रभार बदला गया।

प्रभावित क्षेत्र: मुख्य रूप से बलौदाबाजार, धमतरी, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा और मुंगेली जैसे बड़े जिलों के जनपद प्रभावित हुए हैं।

मुख्यालय का निर्देश: सभी ट्रांसफर किए गए अफसरों को बिना देरी किए नए पद पर जॉइन करने को कहा गया है।

इस आदेश के बाद अगले 48 से 72 घंटों के भीतर सभी 27 अधिकारी अपनी पुरानी जगहों से रिलीव होकर नए विकासखंडों में प्रभार संभालेंगे। नए प्रभार ग्रहण करने के बाद स्थानीय स्तर पर रुके हुए पंचायत प्रस्तावों और ग्रामीण विकास की फाइलों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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