छत्तीसगढ़ की राजनीति में महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ‘कथित’ इंस्टाग्राम चैट का मामला अब कानूनी और सियासी जंग में तब्दील हो चुका है। इस फर्जी स्क्रीनशॉट विवाद को लेकर बुधवार को दुर्ग जिले के भिलाई-3 थाने में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर जमकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
क्या था वो कथित मैसेज, जिस पर मचा है बवाल?
दरअसल, सोशल मीडिया और कुछ यूट्यूब चैनलों पर एक वीडियो और स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल किया जा रहा था। इस वायरल चैट में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के नाम वाली प्रोफाइल से सौरभ चंद्राकर को कथित तौर पर एक मैसेज लिखा हुआ दिख रहा था, जिसमें लिखा था- “नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं।” इस स्क्रीनशॉट को आधार बनाकर कुछ यूट्यूबर्स ने खबरें प्रसारित कर दी थीं, जिसे लेकर अब बड़ा एक्शन हुआ है।

इन 2 बड़े यूट्यूबर्स पर गिरी गाज, BNS की धारा में केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में भ्रामक और मनगढ़ंत खबर को हवा देने वाले दो मुख्य यूट्यूबर्स को आरोपी बनाया है:
- सागर साहू
- पुष्पराज सिंह
इन दोनों कथित पत्रकारों और यूट्यूबर्स के खिलाफ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। साइबर सेल की मदद से इस बात का पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जी फोटोशॉप स्क्रीनशॉट को सबसे पहले कहां से जनरेट किया गया था।
‘प्रायोजकों का नाम आ चुका है, बचेंगे नहीं’ – भूपेश बघेल
इससे पहले खुद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पूरे मामले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ओरिजिनल चैट बॉक्स की तस्वीरें साझा की थीं, जिससे साफ हो गया था कि उक्त आईडी से कोई बातचीत कभी हुई ही नहीं थी। बघेल ने दोटूक शब्दों में कहा कि इस फर्जी खेल को पीछे से स्पॉन्सर करने वाले ‘आकाओं’ के नाम उन तक पहुंच चुके हैं और उनकी लीगल टीम किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है।



