रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को पद के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। कोर्ट से 27 जून तक पुलिस रिमांड मिली है।
2019-2023 तक पद पर रहते भ्रष्टाचार का आरोप
EOW-ACB के मुताबिक, भागीरथ वर्मा 2019 से 2023 तक मुख्य अभियंता के पद पर थे। इस दौरान उन्होंने निविदा कार्य आबंटित करने के बदले अवैध रिश्वत मांगी और अकूत संपत्ति अर्जित की। ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 यथासंशोधित 2018 के तहत केस दर्ज किया था।
8 जगह छापे, करोड़ों के दस्तावेज मिले
प्रकरण में रायपुर और बिलासपुर के 6 स्थानों और उज्जैन मध्यप्रदेश के 2 स्थानों पर रेड की गई। यहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज, अवैध रकम से अर्जित करोड़ों की संपत्ति के कागजात, डिजिटल साक्ष्य और अन्य सबूत मिले हैं।
आय से अधिक संपत्ति की जांच
सेवानिवृत्त लोकसेवक भागीरथी वर्मा उर्फ भागीरथ वर्मा की आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में और बड़े खुलासे की संभावना है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है।



