बस्तर के भानपुरी में वन विभाग ने की बड़ी मॉकड्रिल

टीआरपी। बस्तर वनमंडल ने वनों की सुरक्षा, अवैध कटाई, अतिक्रमण और शिकार जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए वन परिक्षेत्र भानपुरी के अति संवेदनशील क्षेत्रों में एक बड़ा और महत्वपूर्ण मॉकड्रिल अभ्यास किया है। इस विशेष अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में वन अमले की त्वरित कार्रवाई क्षमता को परखना और तस्करों के खिलाफ उनकी कार्यप्रणाली को और अधिक घातक बनाना था।

बस्तर के समृद्ध जंगलों पर हमेशा से ही अंतर्राज्यीय तस्करों और अवैध कब्जा करने वालों की नजर रही है। इस तरह के जमीनी सैन्य-शैली के अभ्यास से न केवल वन विभाग का मैदानी अमला अलर्ट मोड पर आता है, बल्कि संवेदनशील ग्रामीण इलाकों में अवैध गतिविधियों में शामिल तत्वों को कड़ा संदेश जाता है कि विभाग किसी भी वक्त बड़ी कार्रवाई के लिए तैयार है।

सघन गश्त और वन अपराधों पर कड़ा एक्शन


यह विशेष मॉकड्रिल भानपुरी परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अति संवेदनशील क्षेत्रों बनियागाँव और पिपलावंड में आयोजित की गई। इस दौरान पूरे वन अमले ने युद्ध स्तर पर काम करने का अभ्यास किया, जिसके तहत सूचना मिलते ही तुरंत अलर्ट होने और घटनास्थल पर बिना वक्त गंवाए पहुंचकर तस्करों की घेराबंदी करने की प्रक्रिया को परखा गया।

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अभ्यास के दौरान वन अमले ने जंगलों में सघन गश्त की और मॉकड्रिल के हिस्से के रूप में काल्पनिक वन अपराधों के मामलों को तत्काल ऑन-स्पॉट दर्ज भी किया। इस दौरान टीम ने वहाँ मौजूद ग्रामीणों और ट्रैक्टर चालकों को वनों को नुकसान पहुंचाने तथा अवैध अतिक्रमण करने के गंभीर कानूनी और व्यावहारिक दुष्परिणामों के बारे में कड़ी समझाइश दी।

मॉकड्रिल के दौरान वनमंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने अधिकारियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वन केवल लकड़ी का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को बचाने का मुख्य आधार हैं। इस कार्रवाई में उप वनमंडलाधिकारी आईपी बंजारे, योगेश रात्रे, सुखदास नाग सहित बड़ी संख्या में परिक्षेत्र अधिकारी, परिसर रक्षक और सुरक्षा श्रमिक शामिल रहे।

प्रमुख क्षेत्र: बस्तर वनमंडल के भानपुरी परिक्षेत्र के अंतर्गत बनियागाँव और पिपलावंड के संवेदनशील जंगल।

मुख्य उद्देश्य: वनों की अवैध कटाई, तस्करी रोकना, और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना।

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कार्रवाई की तिथि: यह विशेष अभ्यास 18 जून 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अधिकारी नेतृत्व: वनमंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता के नेतृत्व में 4 वरिष्ठ अधिकारियों और समस्त परिक्षेत्र अमले ने संभाली कमान।

इस सफल मॉकड्रिल के बाद बस्तर वनमंडल के संवेदनशील इलाकों में गश्त की आवृत्ति को और बढ़ा दिया गया है। वन विभाग आगामी दिनों में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से एक खुफिया नेटवर्क भी मजबूत करने जा रहा है, जिससे जंगलों में प्रवेश करने वाले अवैध ट्रैक्टरों और संदिग्ध तस्करों की सूचना तुरंत मिल सके और तत्काल कार्रवाई की जा सके।