रायपुर। सफाई कर्मियों और ठेकेदारों के बाद अब नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल की राह पर हैं। एक साल बाद भी मांगें पूरी न होने पर एकता संघ ने मेयर को अनिश्चित कालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
सामूहिक अवकाश, काम बंद
प्लेसमेंट कर्मचारी कल्याण संघ के समर्थन से गुरुवार को एकता संघ ने सामूहिक अवकाश लेकर ‘काम बंद-कलम बंद’ आंदोलन किया। निगम भवन के सामने रैली निकालकर नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा।
इससे पहले तीन दिन तक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था। संघ ने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो सभी अधिकारी-कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।

मेयर-सभापति से मुलाकात
बुधवार शाम संघ पदाधिकारियों ने महापौर मीनल चौबे को हड़ताल की जानकारी दी। उधर सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने मांगों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने राज्य शासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार और शीघ्र समाधान का आग्रह किया। साथ ही कर्मचारियों से जनहित में संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की ताकि नागरिक सेवाएं प्रभावित न हों।
प्रमुख मांग: पुरानी पेंशन
आंदोलन का नेतृत्व एकता संघ अध्यक्ष प्रमोद जाधव और प्लेसमेंट कर्मचारी कल्याण संघ कर रहे हैं। कर्मचारी नेता विजय कुमार झा, अरुण दुबे, पंकज पांडे, प्रमोद यादव, चंद्रशेखर तिवारी, पीतांबर पटेल ने समर्थन दिया।

विजय झा ने कहा कि 2004 के बाद के निगम कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिलनी चाहिए। निगम वित्तीय रूप से सक्षम है। सीएम और वित्त मंत्री से विशेष बजट देकर 20 लाख की आबादी वाले शहर के कर्मचारियों की मांगें पूरी कराएं। झा ने आरोप लगाया कि सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों से हर दो महीने में कोई न कोई संघ हड़ताल कर रहा है।
कर्मचारियों की 9 सूत्रीय मांगों में मुख्य पुरानी पेंशन बहाली, नियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर करना, प्लेसमेंट कर्मियों का कल्याण शामिल है।



