टीआरपी डेस्क। देशभर में 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा से ठीक पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए की एक और हैरान करने वाली लापरवाही सामने आई है। इस बड़ी गड़बड़ी के कारण महाराष्ट्र के नागपुर में रहने वाले छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद और उनका पूरा परिवार भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा है। दरअसल, एनटीए ने अब्दुल्ला को परीक्षा देने के लिए देश में नहीं, बल्कि सीधे सात समंदर पार अबू धाबी (यूएई) में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया है। पीड़ित छात्र ने रोते हुए अपनी परेशानी साझा की और बताया कि उसके पास तो विदेश जाने के लिए पासपोर्ट तक नहीं है, ऐसे में वह परीक्षा देने अबू धाबी कैसे जा सकता है।

पसंदीदा विकल्पों को किया नजरअंदाज

नीट परीक्षा को लेकर पहले से ही देश भर में काफी विवाद चल रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी यानी साफ-सुथरे तरीके से आयोजित करने का दावा किया था, लेकिन इस घटना ने उन दावों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र अब्दुल्ला ने बताया कि उसने अपने आवेदन फॉर्म में परीक्षा केंद्र के लिए नागपुर, वर्धा और भंडारा को प्रिफरेंस यानी अपनी पहली पसंद के तौर पर चुना था। आम भाषा में समझें तो प्रिफरेंस का मतलब होता है कि छात्र अपनी सुविधा के अनुसार जिन शहरों को पहले चुनता है, उसे वहीं सेंटर मिलना चाहिए। लेकिन एनटीए ने इन सभी लोकल विकल्पों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए उसे सीधे विदेश का एडमिट कार्ड जारी कर दिया।

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पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल, कहा- केवल 24 घंटे में पासपोर्ट और वीजा बनवाना नामुमकिन

इस मामले के सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. अनीस अहमद ने भी एनटीए के रवैये पर भारी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अब सिर्फ एक दिन का समय बचा है और एजेंसी ने पूरी व्यवस्था का मजाक बना दिया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि महज 24 से 48 घंटों के भीतर पासपोर्ट और वीजा (Visa) की पूरी सरकारी प्रक्रिया को निपटाकर बच्चे को परीक्षा के लिए विदेश भेजना किसी भी साधारण परिवार के लिए पूरी तरह असंभव है। इस लापरवाही के कारण छात्र की साल भर की मेहनत दांव पर लग गई है।

हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद मिला आश्वासन

मामला गरमाने के बाद छात्र और कांग्रेस नेता अनीस अहमद ने तुरंत एनटीए के ऑफिशियल हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके अपनी शिकायत दर्ज कराई। देर रात अधिकारियों से बात होने के बाद एजेंसी ने अपनी इस तकनीकी गलती (Technical Error) को स्वीकार किया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शनिवार शाम चार बजे तक छात्र का सेंटर बदलकर नागपुर कर दिया जाएगा और नया हॉल टिकट यानी एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा। हालांकि, जब तक नया एडमिट कार्ड हाथ में नहीं आ जाता, तब तक छात्र और उसका पूरा परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है।

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