रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी शराब दुकानों में ओवररेटिंग की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) ने बड़ा कदम उठाया है। पहले कई उप निरीक्षकों और आबकारी निरीक्षकों पर कार्रवाई हो चुकी है, अब शराब दुकानों में कर्मचारियों की आपूर्ति करने वाली 7 बड़ी मैनपावर एजेंसियों को समीक्षा बैठक के लिए तलब किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, शराब दुकानों में ओवररेटिंग के पीछे प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त किए गए सेल्समैनों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि कंपनियों ने नए लोगों को मौका ना देकर पुराने और दागी लोगों को फिर से मौका दिया है।
नवा रायपुर के जीएसटी भवन में होगी बैठक
CSMCL द्वारा जारी पत्र (क्रमांक 3779, दिनांक 18 जून 2026) के मुताबिक, यह समीक्षा बैठक आबकारी आयुक्त सह प्रबंध संचालक की अध्यक्षता में आयोजित की गई है । बैठक का आयोजन नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय के जीएसटी भवन (GST Bhavan) सभाकक्ष में 23 जून 2026 को दोपहर 3:00 बजे किया जाएगा । इस बैठक में प्रदेशभर में सेवाएं दे रही 7 प्रमुख मैनपावर एजेंसियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रतिनिधियों को नहीं मिलेगी एंट्री
CSMCL ने स्पष्ट कर दिया है कि बैठक में किसी एजेंसी का प्रतिनिधि या स्थानीय कर्मचारी शामिल नहीं होगा। संबंधित कंपनियों के डायरेक्टर अथवा CEO को स्वयं उपस्थित होना होगा। साथ ही राज्य स्तर के को-ऑर्डिनेटर की मौजूदगी भी अनिवार्य की गई है।
इन कंपनियों पर रहेगी नजर
बैठक के लिए जिन एजेंसियों को बुलाया गया है उनमें बॉम्बे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी, SIS कैश सर्विसेज, इनोवसोर्स सर्विसेज, स्पेक्ट्रम टैलेंट मैनेजमेंट, पेरेग्रीन गार्डिंग, इनोविजन लिमिटेड और टीम HR GSA प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
- M/s BOMBAY INTEGRATED SECURITY (INDIA) LTD.
- M/s SIS CASH SERVICES PVT. LTD.
- M/s INNOVSOURCE SERVICES PVT. LTD.
- M/s SPECTRUM TALENT MANAGEMENT LTD.
- M/s PEREGRINE GUARDING PVT. LTD.
- M/s INNOVISION LTD.
- M/s TEAM HR GSA PVT. LTD.
ओवररेटिंग का नेटवर्क तलाशने की तैयारी?
बता दे कि पिछले कुछ महीनों में शराब दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतों को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। कई आबकारी अधिकारियों पर कार्रवाई के बावजूद शिकायतें पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं। ऐसे में अब फोकस उन एजेंसियों पर है जिनके माध्यम से दुकानों में सेल्समैन तैनात किए जाते हैं।
कंपनियों पर गिर सकती है गाज
सूत्रों का कहना है कि बैठक में कर्मचारियों की तैनाती, कार्यप्रणाली, अनुशासन, वेतन भुगतान, जवाबदेही और ओवररेटिंग से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा होगी। यदि किसी एजेंसी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।




