टीआरपी। Agriculture college to be built in Durg, :राजधानी के बाद अब दुर्ग में भी कृषि महाविद्यालय बनाया जाएगा ताकि कृषि क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और किसानों को फायदा मिल सके। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दुर्ग में आयोजित ’इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ पर यह घोषणा की।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री नेताम के मुख्य आतिथ्य में इंडियन वेटनरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में वन हेल्थ सिनर्जी (एक स्वास्थ्य तालमेल) को मज़बूत करना- ’अंतर-क्षेत्रीय नवाचार और एकीकरण के माध्यम से एएमआर (एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध) का मुकाबला’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। दुर्ग के पृथ्वी पैलेस पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय में आयोजित सम्मेलन में सांसद विजय बघेल, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के विधायक ललित चंद्राकर और जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, कामधेनु विश्ववि़द्यालय के प्रभारी डीन डा.संजय शाक्य उपस्थित रहे।
जैविक एवं प्राकृतिक खेती को दें महत्व
कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों से पशु पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है। साथ ही किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे आना चाहिए। वैज्ञानिक तकनीक को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करें। मंत्री ने दुर्ग ग्रामीण विधायक चंद्राकर की मांग पर कामधेनु विश्वविद्यालय अंतर्गत दुर्ग में कृषि महाविद्यालय की घोषणा की। इस मौके पर विश्वविद्यालय की स्मारिका, सोवेनियर बकरी प्रशिक्षण कैलेण्डर 2026 का विमोचन किया।
इस अवसर पर भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. प्रवीण मलिक, कार्यपालन निर्देशक एवं एम्स रायपुर के सीईओ लेफ्टीनेंट जनरल अशोक जिंदल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति लुआस, हिसार (हरियाणा) डॉ. विनोद कुमार वर्मा, निर्देशक एनआईओएच नागपुर डॉ. प्रज्ञा यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डॉ. जी. मणि, अध्यक्ष इंडियन वेटनरी एसोसिएशन डॉ. सुधीर कुमार सहित विभिन्न महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं निर्देशक शिक्षक उपस्थित थे।


