टीआरपी। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में पिछले सरकार के 440 करोड़ रुपये के मोक्षित रीजेंट स्कैम के बाद अब 10 करोड़ रुपये के नए रीजेंट (खून जाँच केमिकल) खरीदी घोटाले का संगीन आरोप आम आदमी पार्टी (AAP) ने लगाया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा और उपाध्यक्ष नंदन सिंह ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
यह मामला सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों के स्वास्थ्य और सरकारी पैथोलॉजी लैब (हमर लैब) के वजूद से जुड़ा हुआ है। अगर सरकारी लैब बंद कर निजी हाथों में सौंपी जाती हैं, तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के गरीब मरीजों को मुफ्त या सस्ती जांच सुविधाओं से महरूम होना पड़ेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर आम जनता का खर्च काफी बढ़ जाएगा।
‘आप’ नेताओं ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने इसी जून 2026 से सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी लैब को 5 साल के लिए एक निजी एजेंसी HLL को सौंपना शुरू कर दिया है। जब विभाग को पता था कि नई कंपनी अपनी मशीनें लगाएगी और पुराना रीजेंट उसमें इस्तेमाल नहीं होगा, तो फिर 10 करोड़ रुपये के रीजेंट की अनावश्यक खरीदी क्यों की गई? इसमें सीजीएमएससी (CGMSC) और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मिलीभगत से बड़े भ्रष्टाचार की आशंका है।
इसके साथ ही, नेताओं ने प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के 700 बिस्तरों वाले नए भवन के निर्माण में हो रही देरी पर कड़े सवाल उठाए हैं। दो वर्ष पूर्व ₹231 करोड़ की लागत से बनने वाले छह मंजिला अत्याधुनिक भवन की घोषणा की गई थी, लेकिन इसकी टेंडर प्रक्रिया अब तक अधर में लटकी है। इस लापरवाही के कारण महिलाओं, बच्चों और गंभीर मरीजों को समय पर बेड नहीं मिल पा रहे हैं।
नया आरोप: बिना जरूरत ₹10 करोड़ मूल्य के रीजेंट (केमिकल) की संदिग्ध खरीदी।
अंबेडकर अस्पताल टेंडर: ₹231 करोड़ की लागत से बनने वाले 700 बिस्तरों के अस्पताल का निर्माण कार्य 2 साल से अटका।
निजीकरण का विरोध: अगले 6 महीनों में सभी जिला और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों की ‘हमर लैब’ को बंद करने की तैयारी।
मुख्य मांग: स्वास्थ्य मंत्री का तत्काल इस्तीफा और पूरे मामले की उच्च स्तरीय समयबद्ध जांच।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने रीजेंट खरीदी की जांच, अंबेडकर अस्पताल का टेंडर तुरंत फाइनल करने और हमर लैब को चालू रखने जैसी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो पार्टी प्रदेश स्तर पर बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगी।



