टीआरपी। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पार्टी के विशेष प्रशिक्षण शिविर को संगठन की मजबूती के लिए मील का पत्थर बताते हुए आगामी 2028 विधानसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), खाद की किल्लत और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य की विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
कांग्रेस का यह रुख छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदायों के अधिकारों (पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची) तथा किसानों को आ रही खाद की किल्लत से सीधे तौर पर जुड़ा है। विपक्षी दल के इस आक्रामक तेवर से आने वाले दिनों में प्रदेश की जमीनी राजनीति और खासकर ग्रामीण अंचलों में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ने वाली है।
प्रशिक्षण शिविर पर तंज कसने वाले कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम पर पलटवार करते हुए दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को गांधीवादी विचारधारा सिखाती है, न कि नफरत की राजनीति। उन्होंने चुनौती दी कि यदि मंत्री जी एक घंटे भी कांग्रेस के शिविर में बैठ जाएं, तो उन्हें पार्टी की वास्तविक विचारधारा समझ आ जाएगी। इसके अलावा, चंदखुरी में भगवान श्रीराम की नई प्रतिमा के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा को घेरते हुए केवल नाम पर राजनीति करने और विकास कार्य रोकने का आरोप लगाया।
दीपक बैज ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल उठाए और पूछा कि राज्य के विशाल आदिवासी समाज को इससे क्या लाभ होगा। उन्होंने सक्ती गोलीकांड की जांच के लिए कांग्रेस द्वारा 5 सदस्यीय समिति गठित करने की जानकारी दी। साथ ही, सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त बताया। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केवल टोकन व्यवस्था हटाने से खाद संकट दूर नहीं होगा और किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
चुनावी मिशन: कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर का मुख्य फोकस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत कर आगामी 2028 विधानसभा चुनाव के लिए तैयार करना है।
सक्ती गोलीकांड जांच: मामले की निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करने के लिए कांग्रेस ने 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है।
आदिवासी अधिकार: पेसा (PESA) कानून और पांचवीं अनुसूची को कमजोर होने से बचाने के लिए कांग्रेस ने UCC का विरोध करने का स्टैंड लिया है।
कांग्रेस की पांच सदस्यीय जांच समिति जल्द ही सक्ती गोलीकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद खाद की कमी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस सड़क पर उतरकर प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू करने जा रही है।



