टीआरपी डेस्क। ओडिशा के मलकानगिरी जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने जंगलों में छिपे माओवादियों के हथियारों और बारूद के एक बड़े ठिकाने का पता लगाकर उसे नष्ट कर दिया है। जिला स्वयंसेवी बल की टीम ने कलिमेला इलाके के गुंथबाड़ा और कदमगुडा के घने जंगलों में छापेमारी की। वहां से दो बड़ी राइफल, दो पिस्तौल, जमीन के नीचे बिछाए जाने वाले बम यानी आईईडी, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, गोलियां और बातचीत करने वाले वायरलेस उपकरण बरामद किए गए हैं।

सरेंडर कर चुके नक्सलियों से मिली थी खबर

पुलिस को यह कामयाबी हाल ही में हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए यानी आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली गुप्त जानकारी के आधार पर मिली है। आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे जंगलों में सुबह करीब साढ़े छह बजे सुरक्षा बलों ने अपना अभियान शुरू किया था। तलाशी के दौरान पुलिस को यह सारा सामान मिला। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा जखीरा आंध्र ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी के माओवादियों का था। वे इस बारूद और हथियारों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों और आम जनता पर हमला करने की साजिश के लिए करने वाले थे।

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इलाके को पूरी तरह शांत बनाने में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता मलकानगिरी जिले को पूरी तरह अशांति और हिंसा से मुक्त बनाने के अभियान को और मजबूत करेगी। पिछले साल जनवरी से लेकर इस साल मार्च के आखिर तक जिले में दो बड़े माओवादियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही तेईस नक्सलियों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। लगातार कमजोर हो रहे नेटवर्क के बीच हथियारों का यह जखीरा पकड़ा जाना माओवादी संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।

एक ही महीने में तीसरी बार पकड़े गए हथियार

जून के महीने में हथियारों और बारूद की बरामदगी की यह तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले नौ जून को मथिली इलाके में और पंद्रह जून को पोडिया के जंगलों में भी सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया था। पुलिस ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। जब तक इलाके से माओवादी गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं हो जातीं, तब तक यह अभियान इसी तरह रात-दिन जारी रहेगा।

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