महासमुंद। ग्राम आछोली स्थित शराब निर्माता कंपनी पिकाडली के खिलाफ शनिवार से स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। रोजगार में प्राथमिकता की मांग को लेकर बड़ी संख्या में मजदूर कंपनी के मुख्य गेट के सामने अनिश्चितकालीन प्रदर्शन पर बैठ गए हैं। रविवार को भी यह प्रदर्शन जारी रहा।

अधिकारी के बयान से भड़का आक्रोश

इस मामले को लेकर किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानिक साहू ने बताया कि कंपनी प्रबंधन के एक अधिकारी ने मजदूरों से चर्चा के दौरान कहा कि “हम चाहे जिसे रखेंगे, यह सरकार की शराब बनाने वाली कंपनी है। कंपनी की मर्जी चलेगी कि वह किसे काम पर रखेगी और किसे नहीं।” इस संवेदनहीन जवाब के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और भड़क गया।

UP-बिहार से मजदूर, स्थानीय युवा बेरोजगार

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी स्थानीय ग्रामीणों को दरकिनार कर उत्तर प्रदेश और बिहार से मजदूरों को लाकर काम दे रही है। जबकि आछोली और आसपास के युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन और पर्यावरण का उपयोग कर उद्योग लगा है, वहां के लोगों को रोजगार में पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

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किसान कांग्रेस का समर्थन, उग्र आंदोलन की चेतावनी

धरना स्थल पहुंचे जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानिक साहू ने आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि स्थानीय लोगों को उनका हक नहीं मिला, तो किसान कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से लेकर प्रशासन तक ले जाएगी। आने वाले दिनों में आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। मजदूरों का कहना है कि वे अधिकारों और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।