CBSE Three-Language Policy Guidelines: CBSE ने स्कूलों में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर सस्पेंस खत्म कर दिया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि 10वीं के मौजूदा बैच पर इस नई नीति का कोई असर नहीं पड़ेगा। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों स्टूडेंट्स के लिए यह बड़ी राहत की खबर है।
किस बैच पर लागू होगा नया नियम?
बोर्ड की नई गाइडलाइन के मुताबिक, 2026-27 सत्र में 9वीं में पढ़ रहे छात्र जब 2027-28 में 10वीं में जाएंगे, तो उन्हें तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। इनका मूल्यांकन सिर्फ स्कूल लेवल पर ही होगा। यानी बोर्ड का कोई एक्स्ट्रा प्रेशर नहीं होगा।
क्या है 7वीं और 8वीं का हाल?
अगर आप अभी 7वीं या 8वीं में हैं, तो ध्यान से समझें। जब आप 9वीं और 10वीं में जाएंगे, तो आपको कुल तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें से दो का भारतीय भाषा होना जरूरी है। अगर किसी ने पहले से ही दो विदेशी भाषाएं चुन रखी हैं, तो उन्हें अब एक भारतीय भाषा भी साथ में पढ़नी होगी। घबराइए मत, इसे पढ़ाना और सीखना आसान बनाया जाएगा।
इन छात्रों को मिली है स्पेशल छूट
- CwSN स्टूडेंट्स: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत पहले जैसी छूट मिलती रहेगी।
- विदेशी छात्र: भारत के बाहर के CBSE स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को तीसरी भारतीय भाषा पढ़ने की अनिवार्यता नहीं है।
- वापस लौटने वाले छात्र: अगर कोई स्टूडेंट विदेश से पढ़ाई छोड़कर भारत लौटता है, तो उसे भी तीसरी भाषा से छूट मिलेगी।
एनसीईआरटी की तैयारी
बोर्ड का कहना है कि भाषा सीखने की प्रक्रिया को बोझ नहीं बनने दिया जाएगा। इसके लिए NCERT की तरफ से सभी 22 भारतीय भाषाओं की नई पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा रही हैं। पढ़ाई का पूरा सिस्टम समयबद्ध तरीके से स्कूलों में लागू होगा। अब बस स्कूल खुलने और किताबों के आने का इंतजार है।



