टीआरपी डेस्क। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का अस्त होना एक बेहद महत्वपूर्ण खगोलीय घटना मानी जाती है। इस साल 14 जुलाई से लेकर 12 अगस्त तक गुरु ग्रह अस्त रहने वाले हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु के अस्त होते ही सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन आदि पर पूरी तरह से रोक लग जाती है। इस अवधि में कोई भी नया या शुभ काम शुरू नहीं किया जाता है। आइए जानते हैं कि गुरु के इस बदलाव का मेष, वृषभ और मिथुन राशि के जातकों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है।

मेष राशि के जातकों को रखनी होगी सेहत की चिंता

मेष राशि के लोगों के लिए गुरु चौथे घर में गोचर यानी अपनी स्थिति बदल रहे हैं। नौकरी, बिजनेस और पढ़ाई के क्षेत्र में यह समय आपके लिए तरक्की लेकर आएगा। हालांकि गुरु के अस्त रहने के दौरान आपको अपनी सेहत के प्रति बहुत ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। इस समय शरीर में इंफेक्शन यानी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अपने खान-पान और रोज की दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखें। अपनी मेहनत का पूरा फल पाने के लिए आपको थोड़ा सब्र रखना होगा।

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वृषभ राशि वाले जोखिम भरे कामों से पूरी तरह बचें

वृषभ राशि के लोगों के लिए गुरु तीसरे घर में बैठे हैं। ज्योतिष में तीसरा घर पराक्रम और साहस का माना जाता है, इसलिए आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान आपको छोटी-बड़ी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। वहीं गुरु की नजर आपके आठवें घर पर भी है, जो अचानक आने वाले बदलावों या स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की तरफ इशारा करती है। इस समय किसी भी काम में फालतू का जोखिम उठाने से बचें। कार्यक्षेत्र में अपने बड़े अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर रखें।

मिथुन राशि वालों को सोच-समझकर बोलना होगा

मिथुन राशि के लिए गुरु दूसरे घर में गोचर कर रहे हैं, जो धन, बातचीत और परिवार के मामलों में शुभ माना जाता है। इस अवधि में आपकी कमाई बढ़ने के अच्छे योग बन रहे हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि गुरु के अस्त होने की वजह से पारिवारिक जीवन में कुछ गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। घर के लोगों से बातचीत करते समय अपनी वाणी में नरमी रखें। इस दौरान किसी भी बड़े निवेश यानी पैसे लगाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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नकारात्मक असर से बचने के आसान उपाय

गुरु के अस्त होने से मिलने वाले बुरे प्रभावों को कम करने के लिए रोज भगवान विष्णु की पूजा करें। गुरुवार के दिन पीले रंग की चीजों जैसे चने की दाल या केले का दान करें और जरूरतमंद लोगों की मदद करें। ज्योतिषविदों के अनुसार गुरु अस्त होने का यह समय सिर्फ सावधान रहने का है, डरने का नहीं। अपनी मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आप इन चुनौतियों को भी पार कर सकते हैं।