बिलासपुर हाईकोर्ट भवन की बाहरी तस्वीर और कानूनी न्याय का प्रतीक
बिलासपुर हाईकोर्ट ने सूचना का अधिकार कानून के तहत जुर्माने की प्रक्रिया पर बड़ा आदेश जारी किया है।

Chhattisgarh News: बिलासपुर हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले एक शिक्षिका के पक्ष में अहम फैसला सुनाते हुए शासन और शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि उन्हें 30 जून को सुबह 11 बजे तक पदोन्नत पद पर नए विद्यालय में ज्वाइनिंग कराई जाए।

याचिकाकर्ता मीना सिंह पहले अंबिकापुर विकासखंड के पूर्व माध्यमिक शाला बंधियाचुआ में पदस्थ थीं। विभाग ने उनका पदोन्नयन कर लखनपुर विकासखंड के पूर्व माध्यमिक शाला बंधा में पदस्थापना का आदेश जारी किया था।

हालांकि, उन्हें मूल विद्यालय से कार्यमुक्त कर दिया गया, लेकिन अंबिकापुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) द्वारा तकनीकी रूप से रिलीव नहीं किए जाने के कारण वह नए विद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं कर पा रही थीं। इस कारण उनका पदोन्नयन प्रभावित हो रहा था।

मामले की सुनवाई जस्टिस बी.डी. गुरु की एकलपीठ में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने निर्देश दिया कि मीना सिंह को 30 जून को सुबह 11 बजे तक हर हाल में पूर्व माध्यमिक शाला बंधा, विकासखंड लखनपुर में पदोन्नत पद पर ज्वाइनिंग की अनुमति दी जाए।

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हाईकोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को भी निर्देश दिया कि आदेश की आधिकारिक सूचना उसी दिन दोपहर 2:15 बजे तक संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रशासन को भेजी जाए, ताकि तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

साथ ही, कोर्ट ने आदेश के पालन की निगरानी के लिए मामले को 30 जून को दोबारा सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्यायालय के आदेश का पूरी तरह पालन हुआ है।