टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के चंपारण मंडल में आयोजित बीजेपी के पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान में अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू के एक बयान से हड़कंप मच गया।
दरअसल, कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाने जुटे इस कार्यक्रम में खुद विधायक जी ने अपनी ही पार्टी के कुछ लोगों को गद्दार और एजेंट करार दे दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस तीखी टिप्पणी के बाद पंडाल में मौजूद कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और स्थिति हाथापाई तक जा पहुंची।
गद्दार आज प्रवक्ता बनकर बैठे हैं
ग्राउंड जीरो से मिली रिपोर्ट के अनुसार, विधायक इंद्र कुमार साहू मंच से संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने हाल ही में जिला पंचायत चुनाव में मिली हार का ठीकरा कुछ स्थानीय नेताओं पर फोड़ दिया। विधायक ने तल्ख लहजे में कहा, विधानसभा चुनाव में गद्दारी करने वाले लोग आज प्रवक्ता बनकर बैठे हैं। जो एजेंट बनकर चुनाव हराने का काम कर रहे थे, वे आज भी सक्रिय हैं।
वरिष्ठ नेताओं के सामने ही भिड़ गए कार्यकर्ता
गौरतलब है कि विधायक के इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों के कान खड़े हो गए। कई पदाधिकारियों ने इसे सांगठनिक अनुशासन के खिलाफ बताते हुए तुरंत विरोध शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि चंपारण मंडल के भिलाई गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद सीनियर नेताओं ने जैसे-तैसे स्थिति को संभाला, वरना मामला और भी बिगड़ सकता था।
क्यों भड़के विधायक?
दरअसल, रायपुर जिले में भाजपा के भीतर जिला पंचायत चुनाव की हार को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। विधायक इंद्र कुमार साहू का इशारा उन चेहरों की तरफ था, जिन पर भीतरघात के आरोप लग रहे हैं। लेकिन सार्वजनिक मंच से अपनी ही पार्टी के लोगों को गद्दार कहना अब पार्टी के अनुशासन पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
इस घटना ने रायपुर बीजेपी की गुटबाजी को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि संगठन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और विधायक से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। इस बयान के बाद जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में रोष है, जिसका असर आने वाले स्थानीय चुनावों पर पड़ सकता है। कांग्रेस को बैठे-बिठाए बीजेपी के अंदरूनी कलह पर तंज कसने का बड़ा मुद्दा मिल गया है।



