टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के चर्चित नौगई हत्याकांड के मृतक भरत सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने सरकार को सीधे चुनौती दे दी है। परिवार अब टूट चुका है, उन्हें सिर्फ न्याय का इंतजार है। शहर के चौक-चौराहों पर अब एक ही चर्चा है क्या प्रशासन आरोपियों को बचा रहा है?

सीबीआई जांच या बड़ा आंदोलन

तेरहवीं के मौके पर पहुंचे करणी सेना के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया कि अब और ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. राज शेखावत ने दो टूक कहा कि अगर 19 जुलाई तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने सीधे गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग तक उठा दी है।

क्या पुलिस-प्रशासन सवालों के घेरे में है?

करणी सेना ने इस केस में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। डॉ. शेखावत और वीरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि सिर्फ कुछ गिरफ्तारियां काफी नहीं हैं। जो चेहरे पर्दे के पीछे हैं, उन्हें भी सलाखों के पीछे लाना होगा। प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी अब जांच की मांग उठ रही है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिरकार असली दोषी कब पकड़े जाएंगे?

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19 जुलाई का बड़ा प्लान

संगठन ने 19 जुलाई को दोपहर 1:15 बजे घटना स्थल पर एक बड़ी श्रद्धांजलि सभा का ऐलान कर दिया है। पूरे प्रदेश से क्षत्रिय समाज के लोगों को केसरिया ध्वज के साथ जुटने की अपील की गई है। करणी सेना ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने तब तक संतोषजनक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन की आग और भड़केगी।

हालांकि, इस पूरे मामले पर सरकार या पुलिस की तरफ से फिलहाल कोई नया बयान नहीं आया है। क्या पुलिस आने वाले दिनों में कोई बड़ा एक्शन लेगी? या फिर मामला ऐसे ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा? सबकी निगाहें अब 19 जुलाई पर टिकी हैं।