टीआरपी। रायपुर के माना थाना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए प्रशासन द्वारा अवैध मकानों को तोड़े जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार के पास पर्याप्त सरकारी जमीन होने के बावजूद गरीबों के आशियाने उजाड़कर विधायकों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई से स्थानीय गरीब परिवारों के सामने अचानक रहने का संकट खड़ा हो गया है। राजधानी से सटे इलाके में बड़े पैमाने पर हो रही इस बेदखली और इस पर शुरू हुई सियासत का सीधा असर छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था और आगामी राजनीतिक आंदोलनों पर पड़ेगा।
विधायक कॉलोनी के नाम पर गरीबों से अन्याय: बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस कार्रवाई को पूरी तरह जनविरोधी बताया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी जमीन की कोई कमी नहीं है, फिर भी गरीब परिवारों के घरों को निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी इस फैसले का लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध करेगी और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
इसके साथ ही दीपक बैज ने बस्तर में इन्द्रावती नदी और चित्रकोट जलप्रपात के घटते जलस्तर का मुद्दा उठाते हुए सरकार के जल प्रबंधन पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों ED और CBI के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए दावा किया कि कांग्रेस एकजुट है और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में फिर से सरकार बनाएगी।
कार्रवाई का स्थान: रायपुर के माना थाना क्षेत्र का नकटी गांव, जहां अवैध निर्माण हटाए जा रहे हैं।
प्रस्तावित परियोजना: इस खाली कराई जा रही भूमि पर विधायक कॉलोनी का निर्माण प्रस्तावित है।
आगामी लक्ष्य: कांग्रेस ने वर्ष 2028 के चुनाव में एकजुटता के साथ वापसी का दावा किया है।
इस मामले में कांग्रेस द्वारा प्रभावित परिवारों के समर्थन में बड़ा जमीनी आंदोलन शुरू करने की तैयारी है, जिससे आने वाले दिनों में रायपुर प्रशासन और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है।



