टीआरपी डेस्क। क्या आपका नाम वोटर लिस्ट में है? अगर नहीं, तो तुरंत चेक कर लीजिए। कर्नाटक सरकार ने मंगलवार से वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने साफ कह दिया है कि लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर आपने अपना वोट देने का अधिकार खोया, तो सरकारी योजनाओं के फायदे मिलना भी बंद हो जाएंगे।
वोट नहीं तो सरकारी फायदे नहीं
मुख्यमंत्री शिवकुमार का रुख बेहद सख्त है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, वोट देने का अधिकार, जीने के अधिकार जैसा है। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने संकेत दिया है कि दूसरे राज्य भी अयोग्य लोगों को सरकारी लिस्ट से बाहर कर रहे हैं। कर्नाटक में भी अब इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। अगर आप वोटर लिस्ट में नहीं हैं, तो राशन कार्ड जैसी अहम सुविधाओं पर गाज गिर सकती है। सरकार अब उन लोगों की पहचान करेगी जो सिस्टम का गलत फायदा उठा रहे हैं।
59 हजार अफसर घर-घर पहुंचेंगे
चुनाव आयोग ने इस बार कमर कस ली है। राज्य के 5.5 करोड़ से ज्यादा वोटरों का डेटा वेरिफिकेशन किया जाएगा। 29 जुलाई तक चलने वाले इस काम के लिए 59,050 बूथ लेवल अफसर (BLOs) मैदान में हैं। इनकी निगरानी के लिए 7,556 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। वहीं, राजनीतिक दलों के 1.1 लाख से ज्यादा एजेंट भी अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं। कुल मिलाकर, बेंगलुरु से लेकर गांव-देहात तक, हर घर में हलचल तेज है।
कैसे बनवाएं पक्का पता?
दस्तावेजों के झंझट से बचने के लिए सरकार ने एक नया रास्ता खोला है। अब नागरिकों को स्थायी निवासी प्रमाणपत्र (PRC) जारी किया जाएगा। ये आपके पते का सबसे पुख्ता सबूत होगा। इसके लिए सेवा सिंधु पोर्टल पर लॉगिन करें। अपने नजदीकी अटल जनस्नेही केंद्र नादकचेरी, बेंगलुरु वन, कर्नाटक वन या ग्राम वन केंद्र पर जाएं।
अफसरों का कहना है कि यह वेरिफिकेशन इसलिए भी जरूरी है ताकि वोटर लिस्ट में कोई फर्जी नाम न रहे। आप अपना नाम चेक करने के लिए सरकारी वेबसाइट पर जा सकते हैं। 29 जुलाई के बाद मौका शायद ही मिले, इसलिए अभी सतर्क हो जाना बेहतर है।



