दीपक बैज का भाजपा पर तीखा हमला

टीआरपी। रायपुर के नकटी गांव में गरीबों के मकान तोड़े जाने के विरोध में कांग्रेस के 13 विधायकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर वहां प्रस्तावित विधायक आवास लेने से साफ इंकार कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस फैसले की जानकारी देते हुए भाजपा विधायकों की चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में वीआईपी बनाम गरीब की लड़ाई बन चुका है। बरसात के मौसम में बेघर हुए स्थानीय परिवारों के समर्थन में विपक्षी विधायकों द्वारा सरकारी आवास ठुकराने से सरकार पर पुनर्वास की व्यवस्था करने और योजना की समीक्षा करने का भारी दबाव बन गया है।

सत्ता के अहंकार में मानवता भूल चुकी है भाजपा: दीपक बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने नकटी के बेघर हुए बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए आवास लेने से मना किया है और इसे किसी अन्य खाली सरकारी जमीन पर बनाने की मांग की है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि रायपुर के स्थानीय भाजपा विधायकों—राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा की संवेदनाएं क्या मर चुकी हैं, जो वे इस अत्याचार पर मौन हैं?

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बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद से पूरे प्रदेश में गरीबों के मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। उन्होंने पुनर्वास के दावों को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा कि विस्थापित परिवारों के पास बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। कलेक्ट्रेट और मंत्रियों के बंगलों पर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की सुध लेने के बजाय सरकार सोई हुई है।

कांग्रेस के 13 विधायकों ने मुख्यमंत्री को संयुक्त रूप से पत्र भेजकर नकटी में बनने वाले सरकारी आवासों का बहिष्कार किया है।


कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में पिछले ढाई साल के भीतर रायपुर, बस्तर, सरगुजा और रायगढ़ समेत विभिन्न जिलों में लगातार बुलडोजर कार्रवाइयां की गई हैं।

कांग्रेस विधायकों के इस कड़े रुख के बाद विधानसभा के आगामी सत्र में इस मुद्दे पर भारी हंगामा होने के आसार हैं, जिससे भाजपा बैकफुट पर आ सकती है।