टीआरपी डेस्क। Chhattisgarh News: जंगलों में बेजुबान जानवरों के शिकार पर सरकार भले ही सख्ती दिखा रही हो, लेकिन कवर्धा के बोड़ला इलाके से चौकाने वाली खबर सामने आई है। भलपहरी बीट के घने जंगल में 7 शिकारी नर चीतल का शिकार कर उसे पकाने की तैयारी में थे। वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर इन सभी को रंगे हाथों दबोच लिया है।

ऐसे बिछाया था जाल

सूत्रों के मुताबिक, करीब तीन साल के नर चीतल को शिकारियों ने नायलॉन की रस्सी और स्टील के तारों से बने फंदे में फंसाया था। जानवर की मौत के बाद ये लोग जंगल में ही उसका मांस पकाने लगे। मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के बाद वन विभाग और वन विकास निगम की टीम मौके पर पहुंची। जब तक आरोपी संभल पाते, टीम ने चारों तरफ से घेरा डाल दिया।

क्या-क्या हुआ जब्त?

मौके पर तलाशी लेने पर जो सामान मिला, वह शिकार की पूरी कहानी बयां कर रहा है। विभाग ने 500 ग्राम पका हुआ मांस, तीन कुल्हाड़ियां, फंदे और खून से सने थैले जब्त किए हैं। सभी सातों आरोपियों के खिलाफ वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया है।

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क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?

वन मंत्री केदार कश्यप का कहना है कि सरकार अब गश्त बढ़ा रही है। हालांकि, कवर्धा जैसे संवेदनशील इलाकों में शिकारियों का नेटवर्क अभी भी एक चुनौती बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को और ज्यादा मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो।

फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके के शिकारियों में हड़कंप मचा है। पुलिस और वन विभाग की टीम अब यह भी पता लगा रही है कि क्या ये आरोपी पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं।