पुणे। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस टीम के हाथ एक बेहद चौंकाने वाला सुराग लगा है, जिसने इस पूरी मर्डर मिस्ट्री यानी हत्या के रहस्य को एक नया मोड़ दे दिया है। पुलिस की जांच टीम अब मुख्य आरोपी सिया गोयल के एक मोबाइल चैट को खंगाल रही है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस हत्या को अचानक नहीं, बल्कि एक बहुत ही गहरी और सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था।

शादी के बहाने दोस्त से मांगा था पहचान पत्र

पुलिस को मिली ताजा जानकारी के मुताबिक यह पूरी बातचीत पिछले साल 25 मई की है। इस चैट में आरोपी सिया गोयल अपनी एक सहेली से हवाई जहाज का टिकट बुक करने के बहाने उसका आधार कार्ड मांग रही है। सिया ने इस मैसेज में हिंदी में लिखा था कि शादी के टिकट के लिए अपने आधार कार्ड के आगे और पीछे की फोटो भेज दे, जो वैसे तो होने नहीं वाली है, लेकिन फिर भी तू भेज दे। इस लाइन ने अब पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं।

See also  BIG BREAKING : देश के नए ’जामताड़ा’ में जबरदस्त कार्रवाई, 5000 से ज्यादा पुलिस कर्मियों ने 14 गांवों में मारा छापा

मर्डर की साजिश छिपाने के लिए रचा गया था ढोंग

जांच कर रहे अधिकारियों को अब यह गहरा संदेह है कि हवाई टिकटों की बुकिंग और शादी की बातें केवल एक दिखावा थीं। पुलिस का मानना है कि इस चैट और टिकटों के इंतजाम के जरिए सिया दुनिया को यह दिखाना चाहती थी कि केतन के साथ उसकी शादी की तैयारियां बिल्कुल सामान्य रूप से चल रही हैं। ऐसा इसलिए किया गया ताकि केतन की मौत के बाद कोई भी उस पर शक न करे। पुलिस इसे मर्डर प्लॉट यानी हत्या की साजिश को छिपाने और कानून को भटकाने की एक बहुत बड़ी कोशिश मान रही है। हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि इस डिजिटल चैट की पूरी फोरेंसिक जांच होने के बाद ही इसे पक्का सबूत माना जाएगा।

पिता का गंभीर आरोप, खाई में गिरने की कहानी झूठी

केतन के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल ने पुलिस में जो एफआईआर यानी शुरुआती शिकायत दर्ज कराई है, उसमें बहुत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पिता का कहना है कि सिया और उसके एक साथी चेतन ने मिलकर उनके बेटे को जानबूझकर चट्टान से नीचे धकेला है। घटना वाले दिन केतन अपनी गाड़ी से सिया को साथ लेकर लोहागढ़ किले की तरफ गया था। दोपहर को सिया ने फोन करके बताया कि केतन पैर फिसलने से खाई में गिर गया है। लेकिन जब परिवार ने 21 जून को मौके पर जाकर देखा, तो वहां से किसी के फिसलने की कोई गुंजाइश नहीं थी। पिता ने आरोप लगाया कि सिया का फोन हमेशा व्यस्त रहता था और वह अक्सर चेतन नाम के एक लड़के का जिक्र करती थी, जिससे पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ।

See also  नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर उड़ाया पुल, आवागमन हुआ पूरी तरह बंद