टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के चंचल इलाके में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति का हिंसक रूप सामने आया है। चुनाव संपन्न होने के बाद भी पार्टी के भीतर का घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को पार्टी कार्यालय पर कब्जे को लेकर कांग्रेस के दो गुट आपस में भिड़ गए। इस दौरान जिला अध्यक्ष और शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में ही कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हाथापाई हुई, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया।

बैठक के बाद बिगड़े हालात

बताया जा रहा है कि पार्टी की एक बैठक के बाद ईशा खान और मौसम नूर अपने समर्थकों के साथ पार्टी दफ्तर पहुंचे थे। उसी दौरान कार्यालय के भीतर पहले से मौजूद कुछ सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। वहां गुब्बारे फोड़ने और नारेबाजी करने को लेकर एक गुट और बागी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। देखते ही देखते यह बहस मारपीट में बदल गई।

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लाठियां चलीं, कार्यकर्ता घायल

मौके पर मौजूद बागी गुट के कार्यकर्ताओं ने लाठियां लहराना शुरू कर दिया। दोनों पक्षों के बीच हुई इस झड़प में एक बागी कार्यकर्ता की नाक में गंभीर चोट आई है। वहीं, कांग्रेस का एक सदस्य भी घायल हुआ है। हाथापाई और हंगामे के कारण पार्टी दफ्तर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों के बीच भी दहशत फैल गई।

पुलिस और केंद्रीय बलों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही चंचल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को अनियंत्रित होते देख केंद्रीय बलों की एक बड़ी टुकड़ी को भी वहां तैनात किया गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों गुटों को अलग किया और दफ्तर के बाहर जमा भीड़ को हटाया। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और आला अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से इस घटना को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस झड़प ने कांग्रेस की गुटबाजी को सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया है।

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