रायगढ़। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित कोयला खदानों और अन्य निर्माण कार्यों के लिए जमीन अधिग्रहण की सूचना प्रकाशित होने के बाद भी लोग बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य करते हैं, ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा मुआवजा मिले। इस तरह का कृत्य इन दिनों धरमजयगढ़ क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित दुर्गापुर खुली खदान (ओपन कास्ट) परियोजना में भी देखने को मिल रहा है। इसे देखते हुए SDM ने नोटिस जारी कर नए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। इससे इलाके में सक्रिय दलालों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

ड्रोन सर्वे की खबर से सक्रिय हुए लोग

हाल ही में दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) रायगढ़ क्षेत्र द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार कोयला खदान के लिए अधिग्रहित भूमि पर ड्रोन सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके बाद धर्मजयगढ़ इलाके में यह चर्चा शुरू हो गई कि ड्रोन सर्वें से पहले हो रहे निर्माण पर मुआवजा मिलेगा या नहीं। दरअसल इस इलाके में जमीन अधिग्रहण की सूचना प्रशासन द्वारा जारी की जा चुकी है। बावजूद इसके लोग अपनी जमीनों पर बड़े पैमाने पर शेड निर्माण और अन्य कार्य करते नजर आ रहे हैं। 

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पहले भी हो चुका है मुआवजा घोटाला

रायपुर के भारत माला मुआवजा घोटाले की तर्ज पर SECL की खदानों और लारा एनटीपीसी में मुआवजा घोटाला पहले भी कई बार हो चुका है। लोग खदान के लिए प्रस्तावित जमीनों पर दलालों के जरिए पोल्ट्री फार्म शेड और अन्य निर्माण कार्य करते हैं और मुआवजे का दावा करते हैं। पिछली बार मीडिया में इस तरह का मामला उछलने पर धर्मजयगढ़ इलाके में बड़ी संख्या में ऐसे शेड पर SDM ने बुलडोजर चलवा दिया था। मगर इस बार भी प्रशासन आंखें मूंदे रहा और अधिग्रहण की सूचना के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा।

निर्माण कार्य का तहसीलदार ने किया निरीक्षण

इस बार भी जब धरमजयगढ़ क्षेत्र में secl प्रभावित क्षेत्र दुर्गापुर, शाहपुर में तेजी से हो रहे शेड निर्माण को लेकर लगातार सवाल उठे और समाचार पत्रों में खबरों का प्रकाशन हुआ तब प्रशासन सक्रिय हो गया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तहसीलदार हितेश साहू अपनी राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माणाधीन एवं हाल ही में बने कई शेड का निरीक्षण किया। शाहपुर के अंतिम छोर पर ज़ब निरक्षण करने अधिकारी और उनकी टीम पहुंचे तब उन्होंने पाया कि मौक़े पर 2 ट्रैक्टर में सामान लाकर शेड निर्माण कार्य किया जा रहा था वही उसके किनारे खेतो पर जो शेड बनाया गया था वह मात्र 4 फ़ीट ही ऊंचा था..!

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निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने पाया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर शेड निर्माण का कार्य जारी है। टीम ने उन शेड का भी निरीक्षण किया जिनका निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। राजस्व अधिकारियों ने निर्माण की स्थिति, स्थान और उससे जुड़े तथ्यों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार के साथ पटवारी एवं राजस्व विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।

धरमजयगढ़ SDM ने नए निर्माण पर लगाया रोक

तहसीलदार के निरीक्षण के बाद धरमजयगढ़ क्षेत्र के प्रस्तावित SECL कोल ब्लॉक से प्रभावित गांवों—दुर्गापुर, शाहपुर, तराईमार, धरमजयगढ़ कॉलोनी, बायसी एवं बायसी कॉलोनी—में प्रशासन ने अब आम सूचना (नोटिस) चस्पा कर दी है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अधिग्रहण के लिए चिन्हित भूमि पर अब किसी भी प्रकार का नया निर्माण कार्य नहीं किया जाए। यदि इसके बाद निर्माण किया जाता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। इस नोटिस के बाद लोगों के बीच खलबली मची हुई है। वे अब इस बात के लिए चिंतित हैं कि अब जो निर्माण कार्य किया उसका मुआवजा मिलेगा या नहीं। हालांकि दलाल अब भी निश्चिंत हैं। उन्हें उम्मीद है कि राजस्व अमले की मिलीभगत से सब कुछ सेट हो जाएगा।

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