जांजगीर-चांपा। वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने तड़के करीब 4 बजे अफरीद मुड़पार गांव में बड़ी कार्रवाई की। DFO के नेतृत्व में पुलिस बल और जेसीबी के साथ पहुंची टीम ने कथित वन भूमि पर बने कुछ मकानों को ध्वस्त कर दिया। ग्रामीणों के विरोध और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद कलेक्टर के निर्देश पर अभियान बीच में रोक दिया गया। अब अन्य अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर मकान खाली करने को कहा गया है।

जनप्रतिनिधियों के पहुंचने से पहले तोड़े मकान

वन विभाग की टीम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गांव पहुंची और जेसीबी से तीन मकान तोड़ दिए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही कार्रवाई कर दी गई। मौके पर बड़ी संख्या में वन अमला और पुलिस बल तैनात था।

विरोध बढ़ने पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया सहित अन्य नेताओं ने कलेक्टर से बात की। कलेक्टर के आदेश पर चांपा एसडीएम पहुंचे और फिलहाल कार्रवाई रोक दी गई।

See also  मोमबत्ती बनाने वाली फैक्ट्री में लगी आग, छह लोगों की मौत

‘बारिश में कार्रवाई नहीं होगी’ का दिया था भरोसा, पर…

प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें नोटिस तो मिला था, लेकिन वन विभाग ने भरोसा दिलाया था कि बारिश के दौरान छः महीने कार्रवाई नहीं होगी। अचानक सुबह मकान टूटने से परिवार बेघर हो गए हैं। अब उनके सामने रहने और बच्चों की सुरक्षा की समस्या खड़ी हो गई है।

पीएम आवास के भी हैं कुछ मकान

ग्रामीणों का दावा है कि नोटिस वाले कुछ मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी बने हैं। पीड़ित परिवार कार्रवाई से पहले वैकल्पिक आवास की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अगर अतिक्रमण हटाना ही था तो बारिश शुरू होने से पहले पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था और वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। फिलहाल वन विभाग ने अन्य अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर मकान खाली करने के निर्देश दिए हैं।