टीआरपी डेस्क। रायपुर के नकटी गांव का बुलडोजर कांड की गूंज इस बार विधानसभा में गूंजने वाली है। कांग्रेस इसकी पूरी तैयारी में है। वहीं 13 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र से पहले, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शाम 7 बजे नवा रायपुर स्थित अपने निवास पर भाजपा विधायक दल की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। खबर है कि इस बैठक में न केवल सत्र की रणनीति बनेगी, बल्कि नकटी मामले पर कांग्रेस के तीखे हमलों का जवाब कैसे देना है, इस पर भी मंथन होगा।
सियासी गलियारों में चर्चा, नकटी ने बढ़ाई टेंशन
नकटी गांव में हाल ही में 80 से ज्यादा मकानों को जमींदोज करने के बाद कांग्रेस ने पूरी तरह मोर्चा खोल रखा है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के दिग्गज नेता लगातार सरकार को घेर रहे हैं। आलम ये है कि अब तो बीजेपी के अपने सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार के लिए ये दोहरी चुनौती है। एक तरफ विपक्ष का हल्ला-बोल, दूसरी तरफ अपने ही घर में उठते सवाल।
सदन में होगी आर-पार की लड़ाई
सूत्रों का कहना है कि आज की बैठक में सीएम साय सभी विधायकों को सख्त निर्देश दे सकते हैं। मानसून सत्र महज 5 दिनों का है, जो 17 जुलाई तक चलेगा। वहीं इस मामले में कांग्रेस के पास सरकार को घेरने का पूरा मौका है। कानून-व्यवस्था और विस्थापन का मुद्दा सदन के अंदर सबसे ज्यादा गूंजने वाला है। कांग्रेस ने विस्थापन और पुनर्वास को लेकर सरकार के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने का दावा किया है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल
इस बैठक से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार, 6 जुलाई को राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात की थी। इसके बाद भाजपा विधायक दल की बैठक को विधानसभा सत्र की तैयारियों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार सत्र के दौरान विपक्ष के सवालों का प्रभावी तरीके से जवाब देने और अपने एजेंडे को मजबूती से रखने की रणनीति तैयार करेगी।


