An official notice or building exterior of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust office.
The Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust has invited applications for the position of Chief Executive Officer for the Ram Mandir.

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के परिसर से चढ़ावा और कीमती सामान चोरी होने के मामले में जांच तेज हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से तीन और मुख्य आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को अपनी कस्टडी में ले लिया है। अदालत के आदेश के बाद पुलिस इन तीनों से अगले 40 घंटों तक कड़ी पूछताछ करेगी। इस कार्रवाई से मंदिर परिसर की सुरक्षा और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर चल रही जांच में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

कोर्ट ने मंजूर की 40 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड

मामले की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी और क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी बुधवार को खुद जिला कारागार पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा को अपनी अभिरक्षा में लिया। इससे पहले पुलिस ने सोमवार को अदालत में इन तीनों की रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की थी। अदालत ने आरोपियों के वकील कुलशेखर सिंह का पक्ष सुनने के बाद पुलिस को 40 घंटे की कस्टडी रिमांड की मंजूरी दी है। पुलिस इन तीनों आरोपियों से गुरुवार रात दस बजे तक लगातार पूछताछ कर सकती है।

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मुख्य आरोपी अविनाश के बयानों से मिले बड़े सुराग

इस मामले में पुलिस को असली कामयाबी पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी अविनाश शुक्ला से मिली है। पुलिस ने अविनाश को पिछले दिनों 24 घंटे की रिमांड पर लिया था। पूछताछ के दौरान पुलिस ने अविनाश की निशानदेही पर चोरी के पैसों से खरीदी गई एक कार और भारी मात्रा में नकद धनराशि बरामद की थी। पुलिस को वह जगह भी पता चल गई है जहां चोरी की रकम का आपस में बंटवारा किया जाता था। अविनाश के बयानों से पुलिस को कुछ ऐसे पुख्ता सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर अब बाकी तीनों आरोपियों से बड़ी बरामदगी होने की संभावना जताई जा रही है।

कड़ियों को जोड़ने के लिए होगी आमने-सामने पूछताछ

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले का मुख्य उद्देश्य चोरी की पूरी रकम की बरामदगी और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाना है। आरोपी अनुकल्प मिश्र, उसके बहनोई लवकुश मिश्र और करुणेश पांडेय को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस अविनाश से मिले तथ्यों और इन तीनों के बयानों का मिलान करेगी। इस आमने-सामने की पूछताछ से यह साफ हो जाएगा कि चोरी में किसकी क्या भूमिका थी और क्या इस खेल के पीछे मंदिर परिसर का कोई और बड़ा चेहरा तो शामिल नहीं है।

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जांच का प्रभाव और आगे क्या होगा?

इस कार्रवाई का सीधा असर राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाला है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस घटना के बाद से ही परिसर के भीतर चढ़ावा पेटी की निगरानी और सुरक्षा ऑडिट को लेकर गंभीर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि इन तीनों आरोपियों के बयानों से कोई नया तथ्य या नया नाम सामने आता है, तो आने वाले दिनों में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है। इस जांच के बाद ट्रस्ट मंदिर के भीतर सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शी बनाने के लिए नए कड़े कदम उठा सकता है।