बिलासपुर। बिलासपुर के अपोलो अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है। PWD के अधिकारी राजकुमार अग्रवाल को एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद भेजने के दौरान अस्पताल की अव्यवस्था के कारण परिजनों को करीब 23 लाख रुपये खर्च करने पड़े। एयर एम्बुलेंस घंटों एयरपोर्ट पर खड़ी रही और मरीज को वापस अस्पताल लाना पड़ा। SSP के हस्तक्षेप के बाद ही मरीज को रेफर किया जा सका।

मरीज को हैदराबाद भेजने करनी पड़ी मशक्कत 

जानकारी के अनुसार 54 वर्षीय राजकुमार अग्रवाल लगभग 12 दिन पहले अपने दोस्तों के साथ कोलकाता गए थे। वहां तबीयत बिगड़ने के बाद वे बिलासपुर लौटे और उपचार कराया। उन्हें स्वाइन फ्लू का संक्रमण हुआ था। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें चार दिन पहले अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच बुधवार को डॉक्टरों ने उन्हें हैदराबाद रेफर किया। 

इसके बाद परिजनों ने तत्काल 13 लाख रुपये खर्च कर हैदराबाद से एयर एम्बुलेंस बुलाई, जो शाम सात बजे चकरभाठा एयरपोर्ट पहुंच गई।

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परिजनों का आरोप है कि मरीज को एयरपोर्ट ले जाने के समय अस्पताल ने अपनी परिसर में मौजूद एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के बजाय एक निजी एम्बुलेंस चालक का मोबाइल नंबर थमा दिया। इतना ही नहीं, अस्पताल की ओर से मरीज के साथ कोई डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ भी नहीं भेजा गया। एयर एम्बुलेंस में मरीज की स्थिति के अनुरूप जरूरी लाइफ सपोर्ट और अन्य चिकित्सा उपकरण भी अपोलो ने उपलब्ध नहीं कराए। जब मरीज को चकरभाठा एयरपोर्ट पहुंचाया गया तो उसका ऑक्सीजन स्तर घटकर 20 से 22 प्रतिशत तक पहुंच गया। मरीज की नाजुक स्थिति देखकर हैदराबाद से आई एयर एम्बुलेंस टीम ने उसे ले जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद मरीज को देर रात फिर अपोलो अस्पताल लौटाना पड़ा।

23 लाख का खर्च, फिर बनी टीम

इस देरी से एयर एम्बुलेंस का अतिरिक्त हैंडलिंग चार्ज देना पड़ा। बाद में फेफड़ों की स्पेशल टीम को हैदराबाद से बुलाया गया जिस पर 7 लाख रुपये और खर्च हुए। इस तरह एयर एम्बुलेंस और व्यवस्था पर कुल खर्च लगभग 23 लाख रुपये पहुंच गया। अपोलो अस्पताल में भर्ती के दौरान पहले ही 2.87 लाख रुपये जमा किए जा चुके थे। इस बार हैदराबाद की टीम ने पहले एम्बुलेंस की जांच की तब ले जाने दिया।

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SSP ने बनवाया ग्रीन कॉरिडोर, कांग्रेस ने उठाए सवाल

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने SSP से मिलकर शिकायत की। SSP ने अपोलो प्रबंधन को फटकार लगाई। मरीज की नाजुक हालत देख SSP रजनेश सिंह ने ट्रैफिक पुलिस से अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनवाया। बारिश में पुलिस चौराहों पर तैनात रही और बिना रुकावट एम्बुलेंस को एयरपोर्ट पहुंचाया। ASP रामगोपाल करियारे ने बताया कि जान बचाने के लिए ये व्यवस्था की गई।

विजय केशरवानी ने कहा कि गंभीर मरीज के साथ ऐसी लापरवाही चिंताजनक है और अपोलो से जवाब मांगा जाएगा। साथ ही गरीब मरीजों को आयुष्मान का लाभ न मिलने का मुद्दा भी उठाया जाएगा।