बीजापुर। बस्तर में नक्सल संबंधी मामलों में वर्षों से जेलों में बंद आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई की मांग तेज हो गई है। इस मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर पूरी स्थिति पर चर्चा की और प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली। ग्रामीणों ने 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल बनाकर CM विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से मिलने का फैसला लिया है।

परिजनों ने कहा – निर्दोष ग्रामीणों को नक्सली बताकर जेल में रखना न्यायोचित नहीं 

नक्सल समस्या के लगातार कमजोर पड़ने और बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बीच अब नक्सल मामलों में वर्षों से जेलों में बंद बताए जा रहे निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई की मांग तेज हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों और उनके परिजनों ने स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई। बैठक के बाद विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेसवार्ता में बताया कि कई परिवारों का कहना है कि उनके परिजन वर्षों से नक्सल मामलों में जेलों में बंद हैं, जबकि वे निर्दोष हैं। ऐसे मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर उन्हें रिहा किया जाना चाहिए।

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परिजनों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा तथा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया है, जो जल्द ही सभी जनप्रतिनिधियों से मिलकर अपनी बात रखेगा।ग्रामीणों ने मांग की कि जिस प्रकार हाल के वर्षों में आत्मसमर्पण करने वाले कई हार्डकोर नक्सलियों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों में सरकार ने राहत दी है, उसी तरह निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों के मामलों की भी समीक्षा कर उन्हें न्याय दिया जाए। उनका कहना है कि निर्दोष लोगों को वर्षों तक नक्सली बताकर जेल में रखना उनके परिवारों के साथ गंभीर अन्याय है। 

विधायक ने सरकार से की अपील

विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि आदिवासी समाज का बड़ा वर्ग आज भी कानूनी प्रक्रियाओं और न्यायिक व्यवस्था की जटिलताओं से पूरी तरह परिचित नहीं है। आर्थिक तंगी और कानूनी सहायता के अभाव में अनेक परिवार वर्षों तक अदालतों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं। कई परिवार इस कारण सामाजिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं।उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग में नक्सल मामलों में बंद सभी निर्दोष आदिवासियों के प्रकरणों की विशेष समीक्षा कर उनकी रिहाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह केवल व्यक्तिगत न्याय का विषय नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज के विश्वास और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। 

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विधायक ने कहा कि वे स्वयं भी इस विषय पर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मुलाकात कर ग्रामीणों की मांग को प्रमुखता से उठाएंगे।बैठक के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपकर निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की शीघ्र रिहाई की मांग की। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

CM के नाम सौंपा ज्ञापन

बैठक के बाद ग्रामीणों ने रैली निकाली और निर्दोष आदिवासियों को रिहा करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल बनाकर आने वाले दिनों में प्रदेश के शीर्ष नेताओं से मिलकर रिहाई के लिए प्रयास करने की बात कही है।