रायपुर। NGT ban Raipur cricket stadium: रायपुर, मुंबई और जयपुर के स्टेडियमों में अब एनजीटी की बिना मंजूरी के कोई खेल नहीं होगा। पानी की बर्बादी और नोटिस का जवाब न देना पड़ा भारी।
रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम अब एनजीटी (NGT) के रडार पर आ गया है। मामला ग्राउंड में हो रही पानी की बर्बादी से जुड़ा है। एनजीटी ने रायपुर समेत मुंबई के डी.वाई. पाटिल और जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है।
एनजीटी ने बार-बार नोटिस भेजे, लेकिन रायपुर के स्टेडियम समेत बाकी दो ने जवाब देने की जहमत तक नहीं उठाई। सूत्र बताते हैं कि एनजीटी इन स्टेडियमों के जल संरक्षण के तरीकों से बिल्कुल खुश नहीं है। देश के कई हिस्सों में पानी का भारी संकट है। ऐसे में क्रिकेट मैदानों पर लाखों लीटर पानी की बर्बादी बड़ा मुद्दा बन गई है।
क्या हैं आरोप?
अधिकरण का कहना है कि इन स्टेडियमों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और पानी को रिसाइकिल (recycle) करने की व्यवस्था सही नहीं है। पिचों और मैदान को हरा-भरा रखने के लिए भारी मात्रा में ग्राउंड वाटर का इस्तेमाल हो रहा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
बाकी स्टेडियमों का क्या?
अप्रैल में 6 स्टेडियमों से रिपोर्ट मांगी गई थी। दिल्ली का अरुण जेटली और लखनऊ का इकाना स्टेडियम अपना पक्ष रख चुके हैं। बाराबती (कटक) ने समय मांगा है। वहीं, रायपुर, मुंबई और जयपुर के स्टेडियमों की लापरवाही उन पर भारी पड़ गई। अब जब तक एनजीटी हरी झंडी नहीं देती, यहां कोई भी मैच या इवेंट होना मुश्किल है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q: क्या सभी स्टेडियमों पर बैन लगा है?
A: नहीं, फिलहाल सिर्फ रायपुर, मुंबई और जयपुर के उन स्टेडियमों पर रोक है जिन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया।
Q: क्या स्टेडियम पूरी तरह बंद हो गए हैं?
A: एनजीटी ने खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगाई है। इसका मतलब है कि बिना इजाजत यहां मैच या इवेंट नहीं हो सकते।
Q: अगली सुनवाई कब है?
A: मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को होगी।
Q: पानी को लेकर क्या नियम हैं?
A: स्टेडियमों को भूजल की जगह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के पानी का इस्तेमाल करना चाहिए और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य है।


