अंबिकापुर। सरगुजा के सीतापुर थाना क्षेत्र में केरजू सहकारी समिति के प्रबंधक दिनेश गुप्ता की आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

फर्जी KCC ऋण से 52 लाख हड़पने और नौकरी से निकालने की धमकी देने के आरोप में जिला सहकारी बैंक पेटला के तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।

क्या था पूरा मामला..?

केरजू सहकारी समिति के प्रबंधक दिनेश गुप्ता, 50 वर्ष ने 25 दिसंबर 2025 की रात घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से पहले वे समिति से घर लौटे थे। 

उस समय किसानों के खाते से फर्जी तरीके से किसान क्रेडिट कार्ड ऋण निकाले जाने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद से वे तनाव में थे।

परिवार के बयान में क्या हुआ खुलासा ?

पुलिस जांच के दौरान मृतक की पत्नी सुनीता गुप्ता का बयान दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला सहकारी बैंक पेटला के तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार ने दिनेश गुप्ता को माध्यम बनाकर फर्जी तरीके से केसीसी ऋण स्वीकृत कराया और करीब 52 लाख रुपए की राशि हड़प ली। जब दिनेश गुप्ता ने उक्त राशि वापस करने की मांग की, तब उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया।

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परिजनों के अनुसार, बैंक प्रबंधक द्वारा दिनेश गुप्ता को डांट-फटकार के साथ नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती थी। इससे वे मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान रहने लगे थे। आरोप है कि बैंक प्रबंधक ने उन्हें गुमराह कर वित्तीय अनियमितताओं की पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर डाल दी, जिसके कारण वे अवसाद और तनाव में आ गए तथा अंतत: आत्मघाती कदम उठा लिया।

प्रशासनिक जांच में क्या निकला ?

इधर, इस मामले से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा पहले ही सामने आ चुका है। किसानों द्वारा फर्जी तरीके से केसीसी ऋण निकाले जाने की शिकायत कलेक्टर सरगुजा से की गई थी। प्रशासनिक जांच में करीब दो करोड़ रुपए से अधिक की राशि के गबन और फर्जी ऋण वितरण की पुष्टि हुई थी। सहकारी बैंक की आंतरिक जांच टीम ने भी वित्तीय अनियमितताओं के संकेत दिए थे।

जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार को उनके पद से हटाया जा चुका है।

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 हालांकि, इस पूरे मामले का खामियाजा अब तक किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में किसान आज भी अपने नाम पर चढ़े ऋण के कारण कर्जदार बने हुए हैं और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई

आत्महत्या के मामले में सीतापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत FIR दर्ज की है। 

पुलिस ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों और परिजनों के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। साथ ही फर्जी ऋण वितरण और गबन में शामिल अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।