Chhattisgarh Vidhan Sabha Monsoon Session: छत्तीसगढ़ में मानसून सत्र की दस्तक के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। रायपुर में विधानसभा की कार्यवाही को लेकर हलचल तेज हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाई। इस बैठक में सत्र के दौरान होने वाले कामकाज को अंतिम रूप दिया गया।
कार्य मंत्रणा समिति में तय हुई रणनीति
विधानसभा के समिति कक्ष में हुई इस बैठक में अहम मुद्दों पर सहमति बनी। इसमें सत्र के दौरान पेश होने वाले विधेयकों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अलावा सत्र की अवधि और विषयों का चयन भी किया गया।
सत्ता और विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन
बैठक में सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन के विषयों को लेकर अपनी बात रखी। उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी चर्चा का हिस्सा बने। इसके अलावा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और कृषि मंत्री रामविचार नेताम उपस्थित रहे।
विपक्ष ने बनाई सरकार को घेरने की योजना
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक दल की एक बड़ी बैठक हुई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव मौजूद थे। बैठक में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने विधायकों को सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के निर्देश दिए।
नतीजतन, विपक्ष ने सरकार को हर मामले में घेरने की रणनीति तैयार की है। सत्र के दूसरे दिन यानी 14 जुलाई को कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। इससे सदन में तीखी बहस होने के पूरे आसार हैं।
सत्र की अवधि और सवालों का अंबार
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 5 दिनों तक चलेगा। भले ही सत्र छोटा है, लेकिन यह राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, इस बार कुल 1033 प्रश्न सदन में लगाए गए हैं। 36 विधायकों ने अपने कोटे से अधिकतम 20-20 प्रश्न पूछे हैं। यही वजह है कि सरकार और विपक्ष दोनों अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।


