Chhattisgarh Congress President Deepak Baij addressing a protest in Raipur
राम मंदिर चंदा चोरी के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

Ram Mandir Chanda Chori: छत्तीसगढ़ में राम मंदिर के नाम पर एकत्र चंदे में हुई कथित चोरी ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश भर के सभी जिला मुख्यालयों में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

चौकीदार हैं तो चोरी कैसे हो गई: दीपक बैज

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले में भाजपा पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता खुद को देश का चौकीदार कहते हैं। यदि चौकीदार पहरा दे रहे थे, तो फिर चंदे की चोरी कैसे हो गई? उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में भाजपा के नेता चुप्पी साधे हुए हैं। कांग्रेस का मानना है कि इस चोरी में भाजपा के ही लोग शामिल हो सकते हैं।

सड़क से सदन तक गूंजेगा मुद्दा

कांग्रेस पार्टी ने तय किया है कि वे इस मामले को चुपचाप नहीं बैठने देंगे। पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती से उठाएगी। कांग्रेस का दावा है कि चंदा राम मंदिर के नाम पर लिया गया था। इसलिए इसकी जवाबदेही तय होनी ही चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार जिला मुख्यालयों पर एकत्रित होकर भाजपा सरकार को घेर रहे हैं।

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अपराधियों का अध्यक्ष वाले पोस्ट पर पलटवार

भाजपा ने बीते 12 जुलाई को सोशल मीडिया पर पीसीसी चीफ दीपक बैज के खिलाफ एक पोस्ट किया था। इसमें बैज को अपराधियों का अध्यक्ष बताया गया था। इस पर दीपक बैज ने करारा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कार्यकाल हमेशा संघर्षपूर्ण और जनहित के लिए रहा है।

बैज ने भाजपा पर अपराधियों को पालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने कोरिया, दुर्ग और तिल्दा की घटनाओं का जिक्र किया। बैज ने दावा किया कि इन सभी अपराधों में भाजपा से जुड़े लोग ही शामिल रहे हैं।

क्या होगा इस सियासत का असर?

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह मुद्दा आगामी दिनों में और भी तूल पकड़ सकता है। कांग्रेस इसे एक बड़े भ्रष्टाचार के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है। राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराती है या सियासत का यह दौर और आगे बढ़ेगा।

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