Dhar Bhojshala Dispute: सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष को भेजा नोटिस, क्या अब बदलेगी स्थिति?मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए हिंदू पक्ष को नोटिस जारी किया है।
अदालत ने अभी मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं दी है। मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पिछले आदेश को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि इससे लंबे समय से चली आ रही यथास्थिति प्रभावित हुई है। हालांकि, हिंदू पक्ष इसे माता सरस्वती का प्राचीन मंदिर बताता है।
अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों को दी चेतावनी
यह विवाद न केवल धार्मिक है, बल्कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व का भी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान मामले की गंभीरता को समझा। अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों को चेतावनी दी कि वे दलीलें देते समय भाषा पर संयम रखें।
न्यायाधीश ने साफ कहा कि यह मुद्दा अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए शब्दों का चयन बेहद सावधानी से होना चाहिए।
महात्मा गांधी के कथन का उल्लेख
मुस्लिम पक्ष की तरफ से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बड़ा तर्क दिया। उन्होंने महात्मा गांधी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि आंख के बदले आंख की नीति से दुनिया अंधी हो जाएगी।
उन्होंने तर्क दिया कि इतिहास की परतों के आधार पर वर्तमान व्यवस्था बदलना न्यायसंगत नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने इस विवाद में ताजमहल से जुड़े पुराने कानूनी मामले का भी उदाहरण दिया।
अदालत ने क्या कहा?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद भी सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। अब सभी की निगाहें अगली तारीख पर टिकी हैं। अदालत ने कहा है कि अगली सुनवाई में दोनों पक्षों को अपना विस्तृत तर्क रखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
भोजशाला विवाद एक ऐतिहासिक और धार्मिक मामला है। हिंदू पक्ष इसे राजा भोज द्वारा निर्मित मां सरस्वती (वाग्देवी) का मंदिर मानता है, वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1.सवालः भोजशाला विवाद क्या है?
जवाबः यह धार स्थित एक प्राचीन स्थल की धार्मिक पहचान को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष का विवाद है।
2. सवालः सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया है?
जवाबः कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर हिंदू पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
3. सवालः क्या सुप्रीम कोर्ट ने कोई फैसला सुनाया है?
जवाबः नहीं, अभी तक कोई अंतिम निर्णय या अंतरिम राहत नहीं दी गई है।
4. सवालः सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने क्या कहा?
जवाबः उन्होंने वकीलों को दलीलों के दौरान शब्दों का संयम से चयन करने की सलाह दी।
5. सवालः अगली सुनवाई कब होगी?
जवाबः अदालत ने अभी तारीख तय नहीं की है, लेकिन लंबी सुनवाई के संकेत दिए हैं।


