रायगढ़। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी अंकसूची बनाकर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। रायगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड विनोद कुमार राठौर को कोरबा से गिरफ्तार कर लिया है। उससे पहले गिरोह की 2 और सदस्य पकड़ी जा चुकी हैं।

क्या था पूरा फर्जीवाड़ा ?

जुलाई 2023 में भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवकों की भर्ती निकाली थी। इस भर्ती में सक्ती के नरेन्द्र कुमार और जांजगीर-चांपा की सोनम साहू ने 10वीं की अंकसूची लगाकर आवेदन किया। 

अंकों के आधार पर दोनों का चयन रायगढ़ डाक संभाग में हुआ। नरेन्द्र को बर्रा और सोनम को सुलेसा शाखा में डाकपाल की पोस्ट मिली लेकिन नियुक्ति से पहले जब दस्तावेजों का सत्यापन तमिलनाडु बोर्ड से कराया गया तो सच सामने आया। बोर्ड ने बताया कि दोनों अंकसूचियां फर्जी हैं, बोर्ड ने कभी जारी ही नहीं की।

3.50 लाख में हुआ सौदा

इस मामले में अधीक्षक डाकघर रायगढ़ की शिकायत पर कोतवाली थाने में IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 34 के तहत FIR दर्ज हुई। एसपी शशि मोहन सिंह और ASP अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस ने फरवरी 2026 में दोनों अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया। 

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पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा 

दोनों ने बताया कि उनकी पहचान कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर से हुई थी। विनोद ने सरकारी नौकरी दिलाने के बदले 3 से 3.50 लाख रुपये मांगे। नरेन्द्र कुमार*l ने उसे नकद 3.50 लाख रुपये दे दिए। इधर सोनम साहू ने नियुक्ति के बाद पैसा देने की बात की थी।

थमा दी फर्जी अंकसूची

विनोद ने ही दोनों को फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराईं। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर दोनों की नियुक्ति तुरंत निरस्त कर दी गई। पुलिस ने पहले दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

मास्टरमाइंड का आपराधिक इतिहास

मुख्य आरोपी विनोद कुमार राठौर, 47 वर्ष, निवासी शिवाजी नगर, कोरबा घटना के बाद से फरार था। जांच में पता चला कि 2013 में नकली नोट के केस में उसे 10 साल की सजा भी हो चुकी है।

जेल से छूटने के बाद वह फिर से लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी करने लगा था। रायगढ़ में साथी पकड़े जाने के बाद वह लगातार जगह बदल रहा था।

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ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस को खबर मिली कि वह कोरबा में छिपा है। कोतवाली पुलिस की टीम ने दबिश देकर उसे हिरासत में लिया और रायगढ़ लाकर गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। अब उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी दलाल को पैसा न दें। दस्तावेजों की जांच खुद कराएं।

FAQ: 

क्या है ऑपरेशन क्लीन हंट ?

ऑपरेशन क्लीन हंट (Operation Clean Hunt) एक विशेष पुलिस और सुरक्षा अभियान है जिसका मुख्य उद्देश्य फरार अपराधियों, संगठित अपराधियों और संगठित अपराध (जैसे मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और वाहन चोरी) का पर्दाफाश कर उन्हें पकड़ना है।