Hormuz Strait :अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसके कारण समुद्री रास्तों पर यात्रा करना अब बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है।
समुद्री प्रशासन महानिदेशालय ने बुधवार को एक बहुत ही महत्वपूर्ण आपातकालीन आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत संस्थानों को होर्मुज जलडमरूमध्य वाले रास्ते पर नाविकों को न भेजने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि यह नया प्रतिबंध अगले आदेश तक पूरी तरह से लागू रहेगा। इसके तहत सभी जहाज प्रबंधकों को तुरंत सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।
दो भारतीय नाविकों की मौत के बाद फैसला
सरकार ने यह सख्त कदम हाल ही में हुए हमलों के बाद उठाया है। पिछले 3 दिनों में इस अशांत समुद्री इलाके में जहाजों पर भीषण हमले हुए हैं। नतीजतन इन हमलों में दो भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसलिए महानिदेशालय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए यह कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों का मानना है कि इस मार्ग पर वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा अब काफी बढ़ गया है।
दुनिया में भारत का तीसरा बड़ा स्थान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत समुद्री कर्मचारियों की आपूर्ति करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है। वर्तमान में दुनिया भर के विभिन्न वाणिज्यिक जहाजों पर 3,00000 से ज्यादा भारतीय नाविक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बाद इस नए प्रतिबंध का असर अंतरराष्ट्रीय जहाज परिवहन संस्थानों पर भी देखने को मिलेगा। नियामक ने सभी जहाज मालिकों को फारस की खाड़ी में पूरी सतर्कता बरतने को कहा है।
सुरक्षा की लगातार होगी निगरानी
महानिदेशालय इस पूरे इलाके में सुरक्षा की बदलती स्थिति पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। विभाग ने सभी संस्थानों को लगातार निगरानी करने का सख्त आदेश दिया है। इसके बाद स्थिति की दोबारा समीक्षा की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि नाविकों के हितों की रक्षा के लिए भविष्य में नए कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल सभी संस्थाओं को इस आदेश का सख्ती से पालन करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सरकार ने किस समुद्री रास्ते पर जाने से मना किया है?
सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य वाले समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर जाने से मना किया है।
यह आपातकालीन आदेश किस विभाग द्वारा जारी किया गया है?
यह महत्वपूर्ण आदेश समुद्री प्रशासन महानिदेशालय द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किया गया है।
सरकार को यह सख्त फैसला क्यों लेना पड़ा?
पिछले 3 दिनों में जहाजों पर हुए हमलों में दो भारतीय नाविकों की मौत के बाद यह फैसला लिया गया।
दुनिया भर में कुल कितने भारतीय नाविक काम कर रहे हैं?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर के जहाजों पर 3,00000 से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं।
समुद्री कर्मचारियों की आपूर्ति में भारत का दुनिया में कौन सा स्थान है?
समुद्री कर्मचारियों की आपूर्ति करने के मामले में भारत का दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्थान है।


