Delhi Police admitted Sonam Wangchuk : जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह पर यह कदम उठाया। वांगचुक नीट पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
20 दिन से चल रहा था आमरण अनशन
Delhi Police admitted Sonam Wangchuk : सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर थे। उनकी मांग थी कि NEET सहित अन्य बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक और गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। 20 दिन तक बिना भोजन के रहने के कारण 21वें दिन उनकी हालत गंभीर हो गई।
कोर्ट के आदेश पर अस्पताल शिफ्ट
Delhi Police admitted Sonam Wangchuk : वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने सुनवाई में कहा था कि सरकारी डॉक्टरों से नियमित जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जाएं, क्योंकि हर इंसान की जिंदगी कीमती है।
इसी आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह पर वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया।
प्रदर्शन स्थल खाली कराना शुरू
दिल्ली पुलिस ने कहा कि कोर्ट के आदेशों और मेडिकल सलाह के अनुसार सोनम वांगचुक को जरूरी चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल ले जाने के बाद पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल को भी खाली कराना शुरू कर दिया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनकी हालत स्थिर है।
20 जुलाई को संसद मार्च की थी योजना
Delhi Police admitted Sonam Wangchuk : वांगचुक और उनके समर्थकों ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने की योजना बनाई थी। उनका कहना था कि पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में है और सरकार को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
सोनम वांगचुक का यह अनशन एक बार फिर देशभर में नीट और अन्य परीक्षाओं की पारदर्शिता के मुद्दे को केंद्र में ले आया है। अब अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी सेहत और आंदोलन की अगली रणनीति पर सबकी नजरें हैं।


