CG Salary Loan Scheme: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार की Salary Loan Scheme सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना के तहत कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरत के समय बिना ब्याज अल्पकालिक ऋण की सुविधा मिल रही है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से कर्मचारी कुछ ही मिनटों में आवेदन कर सीधे अपने बैंक खाते में राशि प्राप्त कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों को निजी साहूकारों और महंगे पर्सनल लोन से बचाते हुए आसान और सम्मानजनक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने किया था योजना का शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 8 जुलाई 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया था। इस अवसर पर उन्होंने योजना का ब्रोशर भी जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना आकस्मिक परिस्थितियों में सरकारी कर्मचारियों को त्वरित, पारदर्शी और सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इसे कर्मचारी कल्याण और सुशासन को मजबूत करने वाला कदम बताया।

See also  नौग‌ई ट्रिपल मर्डर की CBI जांच की सिफारिश, रेत ठेका विवाद में जिंदा जला दिया गया था बीजेपी नेता को

कैबिनेट की मंजूरी के बाद पूरे प्रदेश में लागू

राज्य मंत्रिपरिषद ने 30 सितंबर 2025 को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद वित्त विभाग ने नियम, तकनीकी प्रक्रिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया। सभी तैयारियों के बाद 16 मार्च 2026 से योजना पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई।

eKosh Portal से कुछ ही मिनटों में मिल रहा Loan

योजना को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया गया है। वित्त विभाग ने Refyne Tech Private Limited को तकनीकी सेवा प्रदाता नियुक्त किया है। कर्मचारी eKosh Online के Employee Corner में लॉगिन कर ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी करते हैं। इसके बाद स्वीकृत राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। इस प्रक्रिया में कार्यालयों के चक्कर लगाने या लंबी मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ता।

73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने कराया पंजीकरण

योजना के शुरुआती दो महीनों में 73 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने eKosh पोर्टल पर पंजीकरण कराया। इनमें से 27 हजार से अधिक कर्मचारी ब्याज मुक्त अल्पकालिक ऋण का लाभ भी ले चुके हैं। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के अनुसार, फिनटेक आधारित इस मॉडल को इस तरह तैयार किया गया है कि कर्मचारियों को तत्काल राहत मिले और सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार भी न बढ़े।

See also  Teachers Day- शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले छत्तीसगढ़ के 48 शिक्षक हुए सम्मानित

योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • आकस्मिक जरूरत पर बिना ब्याज अल्पकालिक ऋण।
  • पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस आवेदन प्रक्रिया।
  • eKosh Portal से ऑनलाइन आवेदन।
  • ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर के बाद सीधे बैंक खाते में राशि।
  • कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं।
  • वेतन से स्वतः मासिक किस्त कटने की सुविधा।
  • 5 साल तक के लोन का भी विकल्प

यदि किसी कर्मचारी को अधिक राशि की आवश्यकता होती है तो वह अपने वेतनमान और पद के अनुसार 60 माह तक की अवधि का ऋण भी ले सकता है। यह ऋण सामान्य पर्सनल लोन की तुलना में 1.5 से 2 प्रतिशत कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है। इसकी मासिक किस्तें सीधे वेतन से कट जाती हैं।

कर्मचारियों का बढ़ रहा भरोसा

योजना से कर्मचारियों को आकस्मिक वित्तीय संकट के समय तुरंत आर्थिक सहायता मिल रही है। इससे वे निजी कर्ज के दबाव से बच रहे हैं और अपने शासकीय कार्यों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पा रहे हैं। कर्मचारी कल्याण, डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाली यह योजना राज्य में सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

See also  नूपुर शर्मा को जान से मारने की मिली धमकी- दिल्ली पुलिस ने दी सुरक्षा