मध्य प्रदेश शासन का मंत्रालय भवन और नगर निगम प्रशासनिक कार्यालय
नगरीय विकास विभाग द्वारा 13 नगर निगमों के लिए एल्डरमैन की नई सूची जारी की गई।

MP Alderman News : भोपाल में 19 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के 13 नगर पालिक निगमों के लिए एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। राज्य सरकार ने स्थानीय निकायों में अनुभवी और जनहित से जुड़े लोगों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से यह नामांकनों का बड़ा आदेश जारी किया है। इस नए आदेश के बाद संबंधित निकायों में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

13 निकायों की सूची और भोपाल में सबसे ज्यादा नियुक्ति
शासकीय आदेश के अनुसार मुरैना, सागर, रीवा, सतना, सिंगरौली, कटनी, छिंदवाड़ा, भोपाल, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास और रतलाम नगर निगमों में एल्डरमैन की नियुक्तियां की गई हैं। अधिकांश नगर निगमों में 8-8 सदस्यों को एल्डरमैन के रूप में नामांकित किया गया है। प्रदेश की राजधानी भोपाल नगर निगम में सबसे अधिक 12 लोगों को पार्षद के रूप में नामांकित किया गया है, जबकि उज्जैन और देवास में 8-8 नाम शामिल हैं।

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तीन बड़े शहरों की सूची रुकी
राज्य में कुल 16 नगर पालिक निगम हैं, जिनमें से फिलहाल 13 निकायों की ही सूची सार्वजनिक की गई है। प्रदेश के तीन बड़े महानगरों इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में एल्डरमैन नियुक्ति की प्रक्रिया को फिलहाल रोककर रखा गया है। मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार प्राप्त है कि वह बिना चुनाव के समाज के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और समाजसेवियों को सीधे पार्षद के रूप में नामनिर्देशित कर सके, ताकि निकाय परिषदों में निर्णय लेने की क्षमता में सुधार हो सके।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने जारी किया आदेश
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह मनोनयन शासन के तय नियमों और मापदंडों के अनुसार ही किया गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिन तीन नगर निगमों (इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर) की सूची रुकी हुई है, वहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा का काम अंतिम चरण में है। जल्द ही परीक्षण पूरा होने के बाद इन शेष निकायों के लिए भी पृथक आदेश जारी कर दिया जाएगा।

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स्थानीय निकायों और शहर के विकास पर संभावित असर
एल्डरमैन की नियुक्ति से नगर निगम परिषदों की बैठकों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा व्यापक होगा। मनोनीत पार्षद सीधे तौर पर जनता द्वारा चुने नहीं जाते, लेकिन वे परिषद की कार्यवाहियों और शहर के विकास से जुड़ी चर्चाओं में अपनी बात मजबूती से रख सकते हैं। इस फैसले से संबंधित शहरों में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में गति मिलेगी और विभिन्न सामाजिक वर्गों की समस्याएं सीधे निकाय प्रशासन तक पहुंच सकेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: एल्डरमैन या मनोनीत पार्षद किसे कहा जाता है?
उत्तर: राज्य सरकार द्वारा नगर निगमों में बिना चुनाव के सीधे नामांकित किए गए पार्षदों को एल्डरमैन कहा जाता है।

Q2: मध्य प्रदेश के किन तीन नगर निगमों में एल्डरमैन की नियुक्ति रोकी गई है?
उत्तर: इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर नगर निगमों की सूची फिलहाल रोककर रखी गई है।

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Q3: भोपाल नगर निगम में कुल कितने एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं?
उत्तर: भोपाल नगर निगम की सूची में सबसे ज्यादा कुल 12 लोगों को एल्डरमैन बनाया गया है।

Q4: क्या एल्डरमैन को आम पार्षदों की तरह अधिकार मिलते हैं?
उत्तर: हां, एल्डरमैन नगर निगम की बैठकों में हिस्सा लेते हैं और शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रख सकते हैं।

Q5: मध्य प्रदेश में कुल कितने नगर पालिक निगम हैं?
उत्तर: मध्य प्रदेश में कुल 16 नगर पालिक निगम हैं, जिनमें से 13 की सूची जारी की जा चुकी है।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।