Puja Paikra Suicide Case: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर में पुलिस लाइन की छात्रा पूजा पैकरा की आत्महत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। छात्रा की मौत के बाद सर्व आदिवासी समाज और परिजनों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। रविवार को बड़ी संख्या में लोगों ने शहर में रैली निकालकर कुमार चौक पर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले में अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जानें क्या है पूजा पैकरा मामला
पुलिस आरक्षक शिवनाथ सिंह की बेटी पूजा पैंकरा (17) स्कूटी में सवार होकर अपनी बहन के साथ 7 जुलाई को आईसी मार्ट खरीदारी करने गई थी। इस दौरान संचालकों ने चोरी का आरोप लगाकर छात्रा और उसकी बहन को रोक लिया। फिर सामान की लिस्ट बनवाई और दोनों बहनों से उसी सूची पर लिखवाया कि मैं और मेरी बहन आईसी मार्ट से चोरी किए हैं। बाद में हस्ताक्षर भी करवाया गया था और उनकी स्कूटी छीन ली थी।
संचालक ने उसके पिता से स्कूटी के एवज में 50 हजार मांगे थे। घटना के बाद से छात्रा ने 8 जुलाई दोपहर क्वार्टर में फांसी लगा ली। इस मामले में पुलिस ने आरोपी संचालक दीपक वैद, विनोद वैद व जगत वैद के खिलाफ धारा 296, 107, 308(2), 309(4), एसटी-एससी एक्ट की धारा 3(2)(वी) के तहत अपराध दर्ज किया था। मामले में विनोद वैद को राजस्थान से गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है।
एक आरोपी गिरफ्तार, दो की गिरफ्तारी बाकी
परिजनों का आरोप है कि आईसी मार्ट के संचालक और अन्य लोगों की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर पूजा पैकरा ने 8 जुलाई की दोपहर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में नामजद आरोपी विनोद वैद्य को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन दो अन्य नामजद आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यही वजह है कि स्थानीय लोगों और सर्व आदिवासी समाज में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।
एसपी को सौंपा ज्ञापन, एक सप्ताह का अल्टीमेटम
रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने कोरिया पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की। सर्व आदिवासी समाज और मृतका के परिजनों ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। फिलहाल इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फरार बताए जा रहे अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।


