Saurabh Chandrakar fake passport document details recovered in Oman
Saurabh Chandrakar के कथित फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों से जुड़े मामले की जांच तेज हो गई है।

Mahadev App Case: महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किए जाने के बाद जांच में नया मोड़ आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके कथित फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं। दावा किया गया है कि इस पासपोर्ट में उसकी तस्वीर तो है, लेकिन नाम अजन्ता मेंडिस दर्ज है, जो श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर अजन्ता मेंडिस के नाम से काफी मिलता-जुलता है।

फर्जी पासपोर्ट में अलग नाम और जन्मतिथि

रिपोर्ट के अनुसार, कथित इंडोनेशियाई पासपोर्ट में सौरभ चंद्राकर की तस्वीर लगी है और जन्मतिथि 11 मार्च 1998 दर्ज है। वहीं, जांच एजेंसियों के पास मौजूद अन्य दस्तावेजों में उसकी जन्मतिथि 13 जनवरी 1995 बताई गई है। अलग-अलग पहचान और जन्मतिथि के इस्तेमाल को लेकर जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं।

ओमान में प्रवेश को लेकर जांच

जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी कथित फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए सौरभ चंद्राकर ने ओमान में प्रवेश किया था। फिलहाल ओमान में इस मामले में जांच जारी है। इसके बाद ही भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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अजन्ता मेंडिस का नाम क्यों चुना गया?

जांच अधिकारियों के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर अजन्ता मेंडिस के नाम से मिलता-जुलता नाम क्यों इस्तेमाल किया गया। यह भी जांच का विषय है कि यह नाम सौरभ चंद्राकर ने खुद चुना था या फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क ने। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूर्व क्रिकेटर अजन्ता मेंडिस का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। उनका नाम केवल कथित फर्जी पहचान के रूप में इस्तेमाल किए जाने का दावा है।

प्रत्यर्पण में हो सकती है देरी

अधिकारियों के मुताबिक, फर्जी पासपोर्ट से जुड़े मामले के कारण भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ओमान के कानून के तहत पहले वहां इस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई पूरी होगी, उसके बाद प्रत्यर्पण पर फैसला लिया जाएगा।

2023 से फरार है सौरभ चंद्राकर

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के जरिए हजारों करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का आरोप है। सौरभ चंद्राकर वर्ष 2023 से फरार है और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है। ईडी उससे जुड़ी कई संपत्तियां भी जब्त कर चुकी है।

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कौन है सौरभ चंद्राकर?

छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला सौरभ चंद्राकर कभी जूस फैक्ट्री नाम से जूस की दुकान चलाता था। साल 2017 में उसने रवि उप्पल के साथ मिलकर ऑनलाइन सट्टे के कारोबार में कदम रखा। साल 2019 में दोनों दुबई चले गए और वहीं से महादेव बुक ऑनलाइन ऐप और वेबसाइट के जरिए अपना नेटवर्क तेजी से बढ़ाया। सोशल मीडिया, इन्फ्लुएंसर्स और दूसरे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर इस सट्टा नेटवर्क का विस्तार किया गया। आईपीएल 2021 के दौरान इस नेटवर्क के जरिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की सट्टेबाजी होने का दावा किया गया। बताया जाता है कि इससे 99 लाख से ज्यादा यूजर्स जुड़े और इसी कारोबार से सौरभ चंद्राकर ने करोड़ों रुपये की संपत्ति खड़ी की।

कौन हैं अजन्ता मेंडिस?

अजन्ता मेंडिस श्रीलंका के पूर्व अंतरराष्ट्रीय स्पिन गेंदबाज हैं, जिन्हें मिस्ट्री स्पिनर के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 2008 एशिया कप फाइनल में भारत के खिलाफ 13 रन देकर 6 विकेट लिए थे। इसके अलावा 2012 टी-20 विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ 6 विकेट लेकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था।

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