Stock Market में गिरावट के साथ हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को कारोबार की शुरुआत हुई। कमजोर वैश्विक संकेतों और दिग्गज बैंकिंग शेयरों में आई अचानक बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार लाल निशान पर खुला। मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 144 अंक गिरकर 24,190 के स्तर पर खुला, जबकि बैंक निफ्टी 783 अंकों की बड़ी कमजोरी के साथ 57,738 पर आ गया। शेयर बाजार में आई इस सुस्ती से सुबह-सुबह निवेशकों को बड़ा झटका लगा है।
सोमवार को बाजार खुलते ही सबसे ज्यादा नुकसान बैंकिंग सेक्टर को उठाना पड़ा। पहली तिमाही के नतीजों के बाद देश के सबसे बड़े निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक के शेयर 5 फीसदी तक टूट गए। इसके अलावा एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में भी भारी बिकवाली देखी गई। वहीं दूसरी ओर, आईटी शेयरों ने बाजार को थोड़ा संभालने की कोशिश की, जिसमें टेक महिंद्रा टॉप गेनर रहा। इसके साथ ही ओएनजीसी, भारती एयरटेल, सिप्ला, जेएसडब्ल्यू स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 1 फीसदी तक की बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय वजहें और कच्चे तेल का दबाव
ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों ने भी घरेलू शेयर बाजार का मूड बिगाड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारतीय बाजार में महंगाई बढ़ने की चिंता फिर से गहरा गई है। एशियाई बाजारों में भी आज भारी दबाव देखने को मिल रहा है, जहां दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार करीब 3 फीसदी तक नीचे गिर गया है। कच्चा तेल महंगा होने और विदेशी बाजारों में कमजोरी के कारण भारतीय निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अपनी ताजा रिसर्च रिपोर्ट में बताया है कि आने वाले कुछ दिनों तक शेयर बाजार में सुस्ती बनी रह सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बड़ी कंपनियों के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आ रहे हैं। खासकर निजी बैंकों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव दिखने की वजह से बड़े निवेशक अपना पैसा निकाल रहे हैं। इसी मुनाफा वसूली के चलते बाजार में लगातार बिकवाली हावी दिख रही है।
निवेशकों और बाजार पर क्या पड़ेगा असर?
बैंकिंग और फाइनेंस शेयरों में आई इस गिरावट से आम निवेशकों और रोजाना ट्रेडिंग करने वाले लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कच्चे तेल के बढ़ते दाम और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए आने वाले दिनों में भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहने के आसार हैं। हालांकि, आईटी और फार्मा सेक्टर में दिख रही मजबूती से बाजार को पूरी तरह गिरने से थोड़ी राहत मिल सकती है। अगर आगे आने वाली कंपनियों के तिमाही आंकड़े बेहतर रहते हैं, तो बाजार दोबारा रिकवरी कर सकता है।
संक्षेप में कहें तो, एचडीएफसी बैंक के कमजोर नतीजों और महंगे कच्चे तेल ने आज शेयर बाजार की रफ्तार रोक दी है। हालांकि, आईटी सेक्टर और रिलायंस जैसे बड़े शेयरों ने गिरावट को सीमित करने में मदद की है। इस पूरे हफ्ते कंपनियों के नए नतीजों और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। शेयर बाजार की चाल, नए स्टॉक अपडेट्स और ट्रेडिंग से जुड़ी हर बड़ी खबर पाठकों तक लगातार पहुंचाई जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट क्यों आई?
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, एशियाई बाजारों में मंदी और एचडीएफसी बैंक के शेयर टूटने की वजह से शेयर बाजार में गिरावट आई। - एचडीएफसी बैंक के शेयर क्यों गिर रहे हैं?
शनिवार को जारी हुए पहली तिमाही (Q1) के नतीजे बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे, जिसके बाद सोमवार को शेयर 5 फीसदी तक टूट गया। - आज के कारोबार में सबसे ज्यादा फायदा किस शेयर को हुआ?
आज के कारोबार में आईटी सेक्टर का टेक महिंद्रा निफ्टी का टॉप गेनर रहा, जबकि ओएनजीसी और एयरटेल भी बढ़त में रहे। - कच्चे तेल के 90 डॉलर पार जाने से भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ता है?
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल के महंगा होने से कंपनियों की लागत बढ़ती है और महंगाई का खतरा बढ़ जाता है। - आज बैंक निफ्टी कितने अंक नीचे गिरा है?
सोमवार को शुरुआती कारोबार में बैंक निफ्टी 783 अंक गिरकर 57,738 के स्तर पर आ गया।


