chhattisgarh ka mausam : रायपुर में मंगलवार, 21 जुलाई की सुबह से ही बादलों के डेरे और हल्की बूंदाबांदी के बीच मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मानसूनी बारिश की संभावना जताई है। मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में मानसूनी गतिविधियों का असर सबसे अधिक रहेगा, जबकि राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी देते हुए प्रदेश के 28 जिलों में यलो अलर्ट जारी कर दिया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में मानसूनी गतिविधियां मुख्य रूप से उत्तरी छत्तीसगढ़ के इलाकों में ही सीमित रहीं, जहां कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी वर्षा दर्ज की गई है। प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सूरजपुर के प्रतापपुर में सर्वाधिक 11 सेंटीमीटर, बलौदाबाजार के लवन में 7, मनोरा में 6, जबकि ओडगी, पलारी और रायपुर के माना स्टेशन पर 5-5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। रायपुर शहर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान जताया गया है। जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और दुर्ग सहित मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
क्या कहते है एक्सपर्ट?
प्रदेश में बीते गुरुवार से भारी बारिश का दूसरा दौर शुरू हुआ था, जो अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो दिनों तक मूसलाधार बारिश की गतिविधियों पर थोड़ा विराम लग सकता है। हालांकि, यह राहत अस्थाई होगी क्योंकि जुलाई के अंतिम दिनों में बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (वेदर सिस्टम) बनने जा रहा है। यदि यह नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ता है, तो पूरे राज्य में एक बार फिर से भारी से बहुत भारी बारिश का नया दौर शुरू हो जाएगा।
बारिश का दायरा फिलहाल एक-दो स्थानों तक
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, 21 जुलाई को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अंधड़ के साथ हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। भारी बारिश का दायरा फिलहाल एक-दो स्थानों तक ही सीमित रहेगा। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। विशेष रूप से किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को आकाशीय बिजली चमकने के समय पक्के मकानों में शरण लेने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
खेती-किसानी और आम जनजीवन पर मानसून का प्रभाव
बारिश के इस नए स्पेल से छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत मिली है। धान की बोवनी और थरहा (नर्सरी) लगाने के काम में तेजी आ गई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। हालांकि, अंधड़ और तेज हवाओं से ग्रामीण अंचलों में कच्चे मकानों और बिजली के खंभों को मामूली नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। राजधानी रायपुर समेत प्रमुख शहरों में दिन के तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
आगामी मौसम अपडेट
संक्षेप में कहें तो छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह मेहरबान बना हुआ है। आगामी 24 से 48 घंटों में बारिश की तीव्रता में आंशिक कमी आ सकती है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए सिस्टम से जल्द ही मानसूनी बारिश फिर से जोर पकड़ेगी। आम जनता को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने और आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है। मौसम से जुड़े हर नए अपडेट पर हमारी नजर बनी हुई है।
किन-किन जिलों में जारी हुआ यलो अलर्ट?
उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़: सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर, सरगुजा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बेमेतरा, कबीरधाम और दुर्ग।
दक्षिण और बस्तर संभाग: कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा।
राजधानी और आसपास: रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी, बालोद और राजनांदगांव।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: रायपुर में आज मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर: रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 30°C के करीब रहेगा।
Q2: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अगला दौर कब से शुरू हो सकता है?
उत्तर: बंगाल की खाड़ी में नया मौसमी सिस्टम बनते ही अगले कुछ दिनों में भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।
Q3: मौसम विभाग ने किन-किन जोखिमों की चेतावनी जारी की है?
उत्तर: विभाग ने 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी दी है।
Q4: पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज की गई?
उत्तर: पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सर्वाधिक 11 सेंटीमीटर बारिश सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में दर्ज की गई है।
Q5: यलो अलर्ट का क्या मतलब होता है?
उत्तर: यलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम खराब हो सकता है, इसलिए लोगों और प्रशासन को सचेत व सतर्क रहने की आवश्यकता है।


