Gaurav Singh Kushwaha, founder of BlueStone Jewellery, and BlueStone retail store.
IIT दिल्ली से पढ़ाई करने वाले गौरव सिंह कुशवाहा ने BlueStone को भारत के प्रमुख ज्वैलरी ब्रांड्स में शामिल किया।

BlueStone Success Story: भारत का ज्वैलरी बाजार लंबे समय से पारंपरिक ब्रांड्स के कब्जे में रहा है। ऐसे बाजार में नई पहचान बनाना किसी भी उद्यमी के लिए आसान नहीं होता। लेकिन BlueStone के संस्थापक गौरव सिंह कुशवाहा ने एक अलग सोच और नए कारोबारी मॉडल के दम पर यह चुनौती स्वीकार की। आज उनकी कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब ₹12,000 करोड़ है और यह देश के प्रमुख ज्वैलरी ब्रांड्स में शामिल हो चुकी है।

गौरव सिंह कुशवाहा ने IIT दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अमेजन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। वह एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म Chakpak के सह-संस्थापक भी रहे।

शादी की खरीदारी ने बदल दी सोच

गौरव को अपनी शादी की खरीदारी के दौरान महसूस हुआ कि भारत का ज्वैलरी बाजार काफी बिखरा हुआ है। ग्राहकों के पास डिजाइनों की सीमित जानकारी थी और खरीद प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी। यहीं से उन्हें नया बिजनेस शुरू करने का विचार आया। उन्होंने वर्ष 2011 में विद्या नटराज के साथ मिलकर ब्लू स्टोन की शुरुआत की।

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नई रणनीति ने दिलाई अलग पहचान

कंपनी ने शुरुआत से ही जस्ट-इन-टाइम मैन्युफैक्चरिंग मॉडल अपनाया। इससे अनावश्यक स्टॉक रखने की जरूरत कम हुई और ग्राहकों तक आधुनिक डिजाइनों को तेजी से पहुंचाया गया। इसके अलावा कंपनी ने बिचौलियों की भूमिका घटाकर सीधे ग्राहकों तक पहुंचने की रणनीति अपनाई।

ऑनलाइन ज्वैलरी खरीदने का डर ऐसे किया खत्म

महंगी ज्वैलरी को बिना देखे खरीदना ग्राहकों के लिए आसान नहीं था। इसे समझते हुए BlueStone ने होम ट्राई-ऑन सेवा शुरू की। इस सुविधा के तहत ग्राहक घर बैठे अपॉइंटमेंट लेकर ज्वैलरी डिजाइनों को देख सकते थे। इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ा और ऑनलाइन खरीदारी को नई रफ्तार मिली।

ऑनलाइन से ऑफलाइन तक मजबूत विस्तार

शुरुआत केवल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के रूप में हुई थी। बाद में कंपनी ने देशभर में अपने स्टोर खोलने शुरू किए। कंपनी के अनुसार, अब उसकी मौजूदगी 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में है। उसके 311 से अधिक स्टोर 117 से ज्यादा शहरों में संचालित हैं। कंपनी 12,600 पिन कोड तक ग्राहकों को सेवाएं देती है। टियर-1, टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी उसकी मजबूत पकड़ है।

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रतन टाटा और निखिल कामथ जैसे निवेशकों का मिला साथ

BlueStone को वर्ष 2014 में उद्योगपति रतन टाटा से निवेश मिला। इससे कंपनी को बाजार में भरोसा और पहचान मिली। इसके बाद निखिल कामथ और पोरस जैसे बड़े निवेशकों ने भी कंपनी में निवेश किया। इससे विस्तार की रफ्तार और तेज हुई।

आज क्या है ब्लू स्टोन की पहचान?

आज ब्लू स्टोन खुद को देश का दूसरा सबसे बड़ा डिजिटल-फर्स्ट ओमनी-चैनल ज्वैलरी रिटेलर बताता है। कंपनी डिजाइन, निर्माण और रिटेल को एकीकृत मॉडल के तहत संचालित करती है। आधुनिक और हल्के डिजाइनों पर उसका विशेष फोकस है, जिससे युवा ग्राहकों के बीच उसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।