Sugar Prices India: ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन ने देश में चीनी की किल्लत को लेकर चल रही खबरों पर स्थिति साफ कर दी है। संगठन ने बताया है कि हाल के दिनों में चीनी के दामों में तेजी के बावजूद देश में चीनी की कोई कमी नहीं है। देश के भीतर घरेलू मांग को पूरा करने के लिए चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
पिछले 1 महीने से भी कम समय में कारखाने से निकलने वाली चीनी की दरों में लगभग 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी के बाद बाजार में सप्लाई रुकने और सामान कम पड़ने की अफवाहें फैलने लगी थीं। ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन ने अपने 700 से ज्यादा कारोबारी सदस्यों को संदेश भेजकर साफ किया है कि घबराहट में ज्यादा खरीदारी न करें।
चीनी बाजार का अनुभव और नई पेराई की तैयारी
17 जुलाई को भारतीय चीनी और जैव-ऊर्जा विनिर्माता संघ और नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज ने भी संयुक्त बयान जारी किया था। उन्होंने कहा था कि 2026-27 के नए पेराई सत्र को समय से पहले शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इससे बाजार में नई चीनी की आवक जल्द शुरू हो जाएगी और किल्लत की कोई स्थिति पैदा नहीं होगी।
ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन का बयान
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि दामों में आई तेजी की वजह से बाजार में किल्लत का गलत माहौल बन गया है। उन्होंने चीनी मिलों, थोक व्यापारियों और वितरकों से अपील की है कि वे कोरोना के दौर की तरह जिम्मेदारी से काम करें। सभी कारोबारी बाजार में सप्लाई को सामान्य बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
आम जनता और बाजार पर क्या पड़ेगा असर
कारोबारी संगठन के इस बयान के बाद थोक और खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है। यदि आने वाले हफ्तों में मौसम ठीक रहता है और गन्ने की कटाई समय पर शुरू होती है, तो नई फसल आने से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। सरकार और व्यापारी संगठन मिलकर जमाखोरी रोकने के लिए बाजार पर नजर बनाए हुए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- क्या देश में चीनी की कमी होने वाली है?
नहीं, प्रमुख व्यापारी संगठनों के अनुसार देश में घरेलू जरूरत से ज्यादा चीनी का स्टॉक मौजूद है। - चीनी के दाम अचानक क्यों बढ़े हैं?
कारखानों से निकलने वाली चीनी की दरों में 15 फीसदी की तेजी आने से बाजार में दाम थोड़े बढ़े हैं। - नया चीनी पेराई सत्र कब शुरू होगा?
मौसम अनुकूल रहने पर 2026-27 का नया पेराई सत्र सामान्य समय से पहले शुरू किया जा सकता है। - क्या व्यापारियों को जमाखोरी न करने की सलाह दी गई है?
हां, संगठन ने सभी थोक विक्रेताओं और मिलों को सट्टेबाजी और जमाखोरी से दूर रहने की अपील की है। - क्या आम उपभोक्ताओं को चीनी मिलना बंद हो जाएगा?
बिल्कुल नहीं, बाजार में चीनी की सहज उपलब्धता लगातार बनी रहेगी।


