Raipur News: गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी), रायपुर के फादर डॉ. बिश्नोई चंदेल को भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) द्वारा नमूना राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजना की प्रतिभा सह प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। इस संबंध में मंत्रालय ने आधिकारिक आदेश जारी किया है।
राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजना क्या है?
राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजना का उद्देश्य देश में जैव प्रौद्योगिकी आधारित संकाय, अनुसंधान और मूल्यांकन को बढ़ावा देना है। इसके तहत विभिन्न राज्यों में बायोटेक पार्क स्थापित किये जा रहे हैं। इन लॉजिस्टिक को राज्य के सहयोग से विकसित किया गया है। भारत सरकार इन पार्कों की स्थापना और विकास के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराती है।
समिति की क्या होगी जिम्मेदारी?
राष्ट्रीय स्तर पर प्रयोगशाला कार्यशाला सह परियोजना मॉनिटरिंग समिति विभिन्न राज्यों से आने वाले बायोटेक्नोलॉजी पार्क परियोजना परियोजना की समीक्षा करेगी। समिति को मंजूरी देने के साथ-साथ उनके वैज्ञानिकों और प्रगति की निगरानी भी की जाएगी। इसके अलावा समय-समय पर समिति की समीक्षा के लिए दिशा-निर्देश और समन्वय की आवश्यकता होती है, ताकि प्रभावी संचालन संभव हो सके।
छत्तीसगढ़ को मिलेगा राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व
डॉ. इस समिति में बिश्नाई चंदेल की छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस राज्य को कृषि, जैव प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलेगा। विशेषज्ञ का मानना है कि उनके विशेषज्ञता का लाभ पुरातत्व में समुदाय आधारित, नवप्रवर्तन और अनुसंधान को बढ़ावा देने वाली मंजूरी के लिए बेहतर विशेषज्ञ मिल सकता है।


