Teachers bring disgrace: छत्तीसगढ़ में सरकार के सबसे अहम शिक्षा विभाग की व्यवस्था दिन ब दिन खराब होती जा रही है। सही मॉनिटरिंग और कड़ाई नहीं होने के चलते शिक्षक स्वच्छंद हो चले हैं। शिक्षक जैसे पवित्र पेशे से जुड़े चंद लोग आज भी मदिरापान कर शिक्षा के मंदिर में पहुंच रहे हैं, वहीं गाहे-बगाहे दुराचारी गुरुओं द्वारा छात्राओं से दुष्कर्म के मामले भी सामने आ रहे हैं।एक तरफ कांकेर में प्रधान पाठक शराब के नशे में स्कूल पहुंचा तो उसे तत्काल निलंबित कर दिया गया। वहीं पेंड्रा में स्वामी आत्मानंद स्कूल के एक संविदा शिक्षक पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप लगा। विभाग ने पहले ही उसे बर्खास्त कर दिया था, अब पुलिस ने भी उसे गिरफ्तार कर लिया है।

कांकेर: नशे में स्कूल पहुंचे प्रधान पाठक सस्पेंड

कांकेर जिले के विकासखण्ड नरहरपुर की प्राथमिक शाला डोकरानाला के प्रधान पाठक शोभा राम ध्रुव को शराब पीकर स्कूल आने पर निलंबित कर दिया गया है। 

विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी नरहरपुर की रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद ने आदेश जारी किया। जांच में पाया गया कि आरोपी प्रधान पाठक मदिरापान की अवस्था में विद्यालय में उपस्थित था। यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम का गंभीर उल्लंघन है। इसलिए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण एवं अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। 

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पेंड्रा: नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म, शिक्षक गिरफ्तार

उधर पेंड्रा जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में पदस्थ संविदा शिक्षक अमित शर्मा को पुलिस ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से सतना का रहने वाला है और स्कूल में संस्कृत विषय पढ़ाता था।

शिकायत के अनुसार आरोपी ने छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर कई घंटे तक रोका था। परिजनों की शिकायत पर पहले बंधक बनाने का मामला दर्ज हुआ था। लेकिन जांच में पीड़िता के बयान के आधार पर दुष्कर्म की पुष्टि होने पर मामला और गंभीर हो गया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता BNS की धारा 64(2), 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 जोड़ी हैं। गिरफ्तारी से पहले जिला शिक्षा अधिकारी ने कलेक्टर की स्वीकृति से उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया था। विभाग ने कहा कि आरोपी का आचरण शिक्षकीय गरिमा और आचरण नियमों के विपरीत है।

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दोनों घटनाओं ने एक बार फिर साबित किया है कि चंद शिक्षकों की लापरवाही और अपराध के कारण पूरी शिक्षण व्यवस्था बदनाम हो रही है।

शिक्षा विभाग सख्त, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

इन दोनों मामलों के बाद शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में अनुशासन और छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। डीईओ ने सभी BEO को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूलों में नियमित निरीक्षण करें और शिक्षकों की गतिविधियों पर नजर रखें।

अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। ऐसे में शराब पीकर आना या छात्राओं के साथ दुराचार करना अक्षम्य अपराध है। दोषी पाए जाने पर बर्खास्तगी के साथ आपराधिक कार्रवाई भी तय है।

FAQ: 

सवाल 1: कांकेर में किसे सस्पेंड किया गया?

जवाब: नरहरपुर के प्राथमिक शाला डोकरानाला के प्रधान पाठक शोभा राम ध्रुव को शराब पीकर स्कूल आने पर निलंबित किया गया।

सवाल 2: पेंड्रा का मामला क्या है?

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जवाब: स्वामी आत्मानंद स्कूल के संविदा शिक्षक अमित शर्मा पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

सवाल 3: आरोपी शिक्षक पर कौन सी धाराएं लगी हैं?

जवाब: BNS की धारा 64(2), 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत केस दर्ज है।

सवाल 4: विभाग ने क्या कार्रवाई की?

जवाब: कांकेर में निलंबन और पेंड्रा में बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई। दोनों ही मामलों में विभाग ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई।

सवाल 5: सरकार का अगला कदम क्या है?

जवाब: सभी स्कूलों में सघन निरीक्षण और शिक्षकों के आचरण की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।